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Hamirpur. हमीरपुर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि से मुंह मोड़ रहे किसानों के कदम दोबारा खेतों की ओर ले जाने में प्रदेश सरकार सफल होती दिख रही है। दरअसल अपने बजट और भाषणों में किसानों के लिए किए गए वादे को पूरा करती नजर आ रही सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और हल्दी की खरीद का प्रोसेस शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अपने गृह जिला में सरकार 15 मई से इसकी शुरुआत करने जा रही है। बता दें कि प्राकृतिक खेती से तैयार विभिन्न फसलों के लिए प्रदेश सरकार ने अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए हैं, जिससे किसानों की आय में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। इसी क्रम में जिला हमीरपुर में 15 मई से गेहूं और हल्दी की खरीद शुरू की जा रही है। गेहूं की खरीद हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा कृषि विभाग की आतमा परियोजना के सहयोग से की जा रही है।
आतमा परियोजना हमीरपुर के परियोजना निदेशक डा. नितिन कुमार शर्मा के अनुसार सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहंू का खरीद मूल्य 60 रुपए प्रति किलो और भाड़ा उपदान दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर से निर्धारित किया है। किसान अधिकतम 20 क्विंटल तक उत्पाद बेच सकता है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित हल्दी का खरीद मूल्य 90 रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। किसान गेहूं को सूखाकर और साफ करके 15 से 25 मई तक सुबह दस से सायं चार बजे तक पक्का भरो स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में बेच सकते हैं। परियोजना निदेशक डा. नितिन कुमार शर्मा के अनुसार गेहूं और हल्दी की बिक्री के संबंध में अधिक जानकारी के लिए खंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) और सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) या विषयवाद विशेषज्ञ (एसएमएस) से संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जिला के किसानों से इस खरीद कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की है।
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