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होली। तहसील मुख्यालय के होली-न्याग्रां मार्ग पर बरसात की बेरहम बारिश की मार से क्षतिग्रस्त होली नाला पुल का मरम्मत कार्य छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरंभ नहीं हो पाया है। इसके चलते पांच पंचायतों के लोगों की आवाजाही काफी रिस्की बनी हुई है। हालात यह है कि पुल के किनारे के डंगे का पत्थर निकलने से किसी भी वक्त पुल धडाम से नाले में समा सकता है। इसमें जान व माल का भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीण संजीव, राकेश शर्मा, बानू व संजीव ने बताया कि गत अगस्त माह में मूसलाधार बारिश के कारण होली नाला के उफान पर आने से पुल के निचले हिस्से के डंगे पूरी तरह से टूट चुके हैं।
मगर बडे खेद का विषय है कि अभी तक लोक निर्माण विभाग की ओर से इन क्षतिग्रस्त डंगों का मरम्मत कार्य आरंभ नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अनदेखी के चलते यह पुल कभी गिर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होगी। उल्लेखनीय है कि होली नाला पर यह पुल पांच पंचायतों कुलेठ, ग्रौंडा, बजोल, न्याग्रां और दयोल को तहसील मुख्यालय से जोडता है। इस मार्ग पर रोजाना वाहनों के जरिए हजारों की तादाद में लोग आवाजाही करते हैं। इतना ही नहीं कंपनी के मलबे से लदे टिप्पर भी इसी पुल से होकर गुजरते हैं। ऐसे में पुल के लोगों की क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही रिस्की बनी हुई है।
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