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लुटेरी दुल्हन रिहा, इस मामले में पीड़ित है पुलिस अधिकारी

Nilmani Pal
20 Nov 2025 7:42 AM IST
लुटेरी दुल्हन रिहा, इस मामले में पीड़ित है पुलिस अधिकारी
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यूपी। कानपुर में दारोगा से चौथी शादी रचाने वाली लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी को पुलिस ने भले ही ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और रेप के नाम पर फंसाकर करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अदालत से उसे राहत मिल गई है. मंगलवार को पेशी के दौरान कोर्ट ने पुलिस के दिए सबूतों को पर्याप्त न मानते हुए दिव्यांशी की रिमांड अर्जी खारिज कर दी और उसे 1 लाख रुपये के पर्सनल बांड पर रिहा कर दिया.

यह मामला तब सामने आया जब ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा आदित्य कुमार ने अधिकारियों से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी दिव्यांशी से उनकी शादी 17 फरवरी 2024 को हुई थी, लेकिन विवाह के बाद वह उनके अकाउंट से पैसे निकालकर अपने पहले पति, दरोगा पुष्पराज सिंह के खाते में ट्रांसफर करती रही. आदित्य ने आरोप लगाया था कि दिव्यांशी ने अपनी पहली शादी छुपाकर उनसे शादी की और कई बार ब्लैकमेल किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि दिव्यांशी पहले दो बैंक मैनेजरों को भी शादी का झांसा देकर रेप में फंसा चुकी है और समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूल चुकी है.

कमिश्नर के आदेश पर एसआईटी ने जांच की और पुलिस ने दिव्यांशी के खिलाफ 12 धाराओं में केस दर्ज किया, जिनमें धोखाधड़ी, सबूत छुपाने और गंभीर अपराध शामिल थे. जांच अधिकारी शुभम कुमार ने दिव्यांशी की गिरफ्तारी 17 नवंबर को की थी. पुलिस का दावा था कि दिव्यांशी के अकाउंट से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है और उसने चार लोगों से शादी और संबंधों के नाम पर आर्थिक लेनदेन किया है. हालांकि, अदालत में बचाव पक्ष के वकील योगेश भसीन ने तर्क दिया कि केस उसी थाने में दर्ज हुआ है जहां शिकायतकर्ता पति खुद दरोगा हैं, और विवेचना भी उसी थाने के एक अन्य दरोगा ने की. पुलिस के पास ठोस साक्ष्य नहीं थे, जिसे अदालत ने भी माना और रिमांड अर्जी खारिज कर दी.

डीसीपी एसके सिंह ने कहा है कि दिव्यांशी अकेले नहीं है, उसके साथ एक पूरा गैंग सक्रिय है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हो सकते हैं. इनके खातों में हुए ट्रांजिक्शंस की जांच जारी है. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने कहा कि जांच के बाद इस गैंग पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा.


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