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मीडियाकर्मियों से बात करने का मौका दिया आरोपी को, पुलिस अधिकारी सस्पेंड

Nil dhankar
12 Oct 2025 6:38 AM IST
मीडियाकर्मियों से बात करने का मौका दिया आरोपी को, पुलिस अधिकारी सस्पेंड
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यूपी। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को नैनी जेल से झांसी जेल ले जाने वाली पुलिस टीम के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर अशोक कुमार को अली की मीडियाकर्मियों से बात कराने पर निलंबित कर दिया गया। साथ ही इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। अली की मीडियाकर्मियों से बात करने को सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया।

तीन साल से अधिक समय से केंद्रीय कारागार नैनी में बंद रहे अली अहमद को बीते एक अक्तूबर को झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। प्रयागराज से झांसी ले जाने के दौरान ही अली ने मीडियाकर्मियों से बात की थी। अली ने बयान में कहा था कि वह तो कानून की पढ़ाई कर रहा था, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया। जेल में रहने के दौरान उस पर मुकदमे दर्ज किए गए। अली ने खुद की जान को खतरा बताते हुए कहा था कि मेरा अल्लाह ही जानता है कि यहां सुरक्षित रहेंगे या नहीं। मुख्यमंत्री जी से कहना है कि जो होना था, वह हो गया।

सरकार के नाम पर कुछ लोग अनावश्यक परेशान कर रहे हैं, उनसे बचा लीजिए। मुझे बेवजह न सताया जाए। जेल में बंद होने के बाद यह पहला मौका था जब अली को मीडिया से बात करने का अवसर मिला। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि सुरक्षा में चूक को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर को उसी दिन सस्पेंड कर दिया गया था। मामले में सुरक्षा टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। अली के पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की हत्या मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान ही की गई थी।

माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने झांसी जेल पहुंचने पर कहा था कि नैनी से झांसी तक के सफर में पीने को पानी तक नहीं दिया गया। जो हुआ सो हुआ मुख्यमंत्री जी..अब और न सताया जाए। करीब तीन साल से नैनी सेंट्रल जेल में बंद अली अहमद को एक अक्टूबर को कड़ी सुरक्षा में झांसी जिला जेल लाया गया। दोपहर बाद जेल में दाखिले से पहले पत्रकारों के सवालों के जवाब में अली ने कहा कि 420 किमी के लंबे सफर में पानी तक नहीं पूछा गया।

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