सुप्रीम कोर्ट का आदेश,गुरुग्राम के DLF क्षेत्रों में तोड़फोड़ पर यथास्थिति बनाए रखें

New Delhi नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुरुग्राम के डीएलएफ फेज 1 से 5 में हो रही कथित 'अवैध' निर्माणों की तोड़फोड़ पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। जज जे. के. माहेश्वरी और अरविंद कुमार की पीठ ने यह आदेश डीएलएफ कुतुब एनक्लेव आरडब्ल्यूए की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
पीठ ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक सभी पक्ष वर्तमान स्थिति को बनाए रखें। अदालत ने चार हफ्तों में सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि डीएलएफ इलाके 2008 से नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और केवल वही ऐसी किसी भी कार्रवाई के लिए सक्षम है।
उच्च न्यायालय के 13 फरवरी के आदेश में इन इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ "तत्काल कार्रवाई" का निर्देश दिया गया था और 19 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई थी। हाईकोर्ट ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा था कि स्थानीय अधिकारी अवैध निर्माणों की अनदेखी कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए ने कहा कि बिना सुनवाई के उनके खिलाफ फैसला सुनाया गया।





