सुसाइड से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में हड़कंप, अटेंडेंट ने खाया जहर

यूपी। सीतापुर स्थित सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (एपीटीसी) में तैनात एक अनुचर (फॉलोअर) की कथित रूप से जहर खाने के बाद हुई मौत के मामले में केंद्र के तीन अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एपीटीसी में तैनात अनुचर शैलेंद्र पाल (25) ने मंगलवार को कथित तौर पर जहर खा लिया था और इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पाल की पत्नी सरिता पाल ने आरोप लगाया कि 25 जून को एपीटीसी के एक अधिकारी के आवास से नकदी और कुछ सामान गायब होने के बाद कमांडेंट शगुन गौतम समेत केंद्र के अधिकारियों ने उसके पति को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।
सरिता के अनुसार, शैलेंद्र कमांडेंट के आवास पर खाना बनाता था और अन्य घरेलू काम करता था। उसने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए दो पुलिसकर्मी चोरी के संदेह में उसे अपने साथ ले गए और कथित तौर पर दो दिन तक गैरकानूनी हिरासत में रखकर उससे पूछताछ और मारपीट की। सरिता ने आरोप लगाया कि रिहाई के बाद भी शैलेंद्र को रोज कमांडेंट के आवास पर बुलाया जाता था और उत्पीड़न के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। उसने दावा किया कि लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर शैलेंद्र ने जहर खा लिया।
मृतक के पिता रामनाथ पाल, भाई प्रदीप पाल और बहन संगीता पाल ने कथित रूप से जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने तक शैलेंद्र के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। कांग्रेस नेता एवं सांसद राकेश राठौर के पीड़ित परिवार के समर्थन में आने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना देने के बाद विरोध तेज हो गया। प्रशासन के साथ बातचीत के बाद खैराबाद थाने में एपीटीसी के तीन अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।





