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'ऑपरेशन महादेव' की कामयाबी: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमान शाह समेत तीन आतंकियों का खात्मा
Shantanu Roy
28 July 2025 9:45 PM IST

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Srinagar/Jammu. श्रीनगर/जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ भारत की मुहिम को सोमवार को एक बड़ी सफलता मिली जब सेना ने एक सुनियोजित और सटीक अभियान में पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा समेत उसके दो साथियों को मार गिराया। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत अंजाम दी गई, जो हाल के वर्षों में सबसे जटिल और महत्वपूर्ण अभियानों में से एक माना जा रहा है। पुलिस और सैन्य सूत्रों के अनुसार, सेना को कुछ दिनों पहले एक सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस ‘टी82 अल्ट्रासेट’ के जरिए अहम जानकारी मिली थी। यह वही उपकरण था जिसे आतंकियों ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में इस्तेमाल किया था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस हमले के बाद से पूरे देश में आक्रोश था और सेना को बदले की कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी गई थी।
अभियान की तैयारी और खुफिया संकेत
सेना को तकनीकी माध्यमों से संकेत मिला कि सुलेमान शाह अपने दो साथियों — जिब्रान और हमजा अफगानी के साथ महादेव पहाड़ियों के जंगलों में छिपा हुआ है। इसके बाद सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और पैराशूट रेजिमेंट के स्पेशल कमांडोज़ ने ‘ऑपरेशन महादेव’ की तैयारी शुरू की। अभियान की रूपरेखा खुफिया एजेंसियों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई स्तर की बैठक के बाद तय की गई।
ड्रोन और ट्रैकिंग से आतंकियों का पता चला
सोमवार सुबह 8 बजे सेना के निगरानी ड्रोन ने महादेव पहाड़ी क्षेत्र में तीन संदिग्धों की हलचल दर्ज की। तुरंत हरकत में आते हुए पैरा स्पेशल फोर्स और राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडो ने पहाड़ी पर चढ़ाई शुरू की। सुबह करीब 11 बजे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। पहले आतंकी को मात्र 45 मिनट की कार्रवाई में मार गिराया गया। इसके बाद सेना ने दो किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया और तलाशी अभियान जारी रखा। दो घंटे के भीतर बाकी दो आतंकी भी ढेर कर दिए गए।
खतरनाक आतंकियों की हुई पहचान
अधिकारियों के अनुसार, मारा गया मुख्य आतंकी सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा पहले पाकिस्तान की सेना की एक विशेष यूनिट में कमांडो रह चुका था। बाद में उसने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का दामन थामा और भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में सक्रिय हो गया। सुलेमान पाकिस्तान में हाफिज सईद का करीबी माना जाता था और उसे भारत में लश्कर का ऑपरेशनल प्रमुख माना जा रहा था। उसके दो साथी जिब्रान और हमजा अफगानी भी खतरनाक प्रशिक्षित आतंकी थे। जिब्रान पिछले साल सोनमर्ग सुरंग हमले में शामिल रहा था, जबकि हमजा को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कई प्रशिक्षण कैंपों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए देखा गया था।
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आतंकियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। बरामद सामग्री में आधुनिक कार्बाइन राइफलें, AK-47, ग्रेनेड और सेटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आतंकी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
पिछले हमलों का लिया गया बदला
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया था। पर्यटकों से भरी एक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मरने वालों में अधिकांश पर्यटक थे, जो देश के अलग-अलग राज्यों से जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती देखने आए थे। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से आतंकियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई का आदेश दिया था, जिसकी अगली कड़ी ‘ऑपरेशन महादेव’ के रूप में सामने आई।
आतंक के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश
सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल आतंकियों को मार गिराना नहीं था, बल्कि उनके नेटवर्क को तोड़ना भी था। सुलेमान शाह जैसे आतंकियों की सक्रियता पाकिस्तान से संचालित आतंकी ढांचे की गहराई और खतरनाक मंशा को दर्शाती है। सुलेमान की मौत से लश्कर-ए-तैयबा के जम्मू-कश्मीर यूनिट को तगड़ा झटका लगा है।
सुरक्षा बलों की तत्परता और रणनीतिक कौशल की मिसाल
ऑपरेशन महादेव न केवल सुरक्षा बलों की तकनीकी क्षमता, बल्कि उनकी रणनीतिक दक्षता का भी उदाहरण है। बेहद दुर्गम इलाके, सीमित समय और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेना ने यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस ऑपरेशन की सफलता पर देशभर से प्रतिक्रिया आ रही है। रक्षा विशेषज्ञों ने इसे एक “क्लीन स्ट्राइक” करार दिया है, जबकि आम नागरिकों ने सेना की बहादुरी को सलाम किया है। गृह मंत्रालय ने भी सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी कोशिश को कुचल दिया जाएगा।
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