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महाविद्यालयों में पढ़ाए जाएंगे पांच शोध केंद्रों से जुड़े विषय

Shantanu Roy
13 Sept 2025 3:55 PM IST
महाविद्यालयों में पढ़ाए जाएंगे पांच शोध केंद्रों से जुड़े विषय
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Shimla. शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने शुक्रवार को महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित कई अहम विषयों पर चर्चा की गई। कुलपति ने कहा कि आने वाले समय में जल्द ही महाविद्यालयों के शिक्षक भी पीएचडी करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों की विश्वविद्यालय विकास निधि देना शेष है, वे शीघ्र विश्वविद्यालय को जमा करवा दें। कुलपति ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से आग्रह किया कि वह अपना प्रैक्टिकल का पैनल विश्वविद्यालय को दें और पैनल में महाविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापक ही होने चाहिएं, ताकि परिणाम समयबद्ध तरीके से घोषित किए जा सकें। कुलपति ने परीक्षा कलस्टर केंद्रों को बढ़ाने पर बल दिया, ताकि परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित किए जा
सके।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्राचार्यों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में खुले पांच शोध केंद्रों ग्रीन एनर्जी, आपदा प्रबंधन, भारतीय ज्ञान प्रणाली, डाटा साइंस औैर साइबर सुरक्षा से जुड़े विषयों को भी कालेज स्तर पर पढ़ाया जाएगा, जिसका पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम उषा के तहत महाविद्यालयों की मदद की जाएगी। उन्होंने पीजी कालेजों में प्रयोगशालाओं को विकसित करने पर बल दिया। महाविद्यालय प्राचार्यों की ओर से आए सुझाव कि विश्वविद्यालय में पूछताछ हेल्पलाइन आरंभ की जाए, पर अपनी सहमति जताई। इस अवसर पर अधिष्ठाता अध्ययन आचार्य बीके शिवराम ने शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक विषयों पर अपने विचार रखे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो ममता मोक्टा ने कुलपति के दिशा-निर्देशानुसार छात्र संघ चुनाव विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में चुनाव करवाए जाने संबंधी प्रस्ताव रखा। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने परीक्षा से संबंधित विषयों को सभी के समक्ष रखा और परीक्षाओं में आ रही परेशानियों पर चर्चा की।
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