भारत
छात्र अब रटने की आदत को कहें गुडबाय, शिक्षा बोर्ड बदलेगा पेपर सेट करने का तरीका
Shantanu Roy
18 July 2026 5:13 PM IST

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Hospice. धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की घोषणा की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को धरातल पर उतारते हुए, बोर्ड ने फैसला लिया है कि मार्च 2027 से होने वाली परीक्षाओं में छात्रों को सिर्फ रटे-रटाए ज्ञान के आधार पर नहीं परखा जाएगा। इसके बजाय, उनके तार्किक चिंतन और विश्लेषणात्मक क्षमता का आकलन करने के लिए प्रश्न-पत्रों में केस स्टडी आधारित प्रश्नों को शामिल किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने इस अहम बदलाव की विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब हर विषय के प्रश्न-पत्र में दो केस स्टडी आधारित प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे। इन सवालों में वास्तविक जीवन की परिस्थितियों या किसी विशेष संदर्भ का एक पूरा विवरण (सिचुएशन) दिया जाएगा। छात्रों को उस परिस्थिति का विश्लेषण कर अपने ज्ञान, समझ और तार्किक क्षमता के आधार पर सटीक उत्तर देने होंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्र विषय को सिर्फ तथ्यों के रूप में याद न रखें, बल्कि उसे समझें और व्यावहारिक जीवन में लागू करना सीखें। केस स्टडी वाले प्रश्न छात्रों को किताबी दुनिया से निकालकर वास्तविक जीवन की स्थितियों से जोड़ेंगे।
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