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धार्मिक अनुष्ठान का झांसा देकर छात्रा से ऐंठे 1.97 लाख, FIR दर्ज

Shantanu Roy
13 March 2026 4:50 PM IST
धार्मिक अनुष्ठान का झांसा देकर छात्रा से ऐंठे 1.97 लाख, FIR दर्ज
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बड़ी खबर
Jabalpur. जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठगों ने अपने नए तरीकों में धार्मिक और आध्यात्मिक झांसे का सहारा लेना शुरू कर दिया है। हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसमें एक छात्रा से धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के नाम पर 1 लाख 97 हजार रुपये की ठगी की गई। मदन महल थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा यामिनी नागरिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका संपर्क इंस्टाग्राम रील के माध्यम से निशा दयाल नामक महिला से हुआ।
बातचीत
के दौरान निशा ने खुद को आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान कराने वाली बताकर छात्रा का भरोसा जीत लिया। इसके बाद निशा ने छात्रा को जयपुर की कथित राजमाता (गुरु माता) के बारे में बताया और दावा किया कि वे घर-परिवार और जीवन की हर समस्या का समाधान पूजा-पाठ के माध्यम से कर सकती हैं।
कैसे हुई ठगी
शुरुआत में आरोपी ने पूजा और अनुष्ठान कराने के नाम पर 2,000 रुपये मांगे, जिसे यामिनी ने ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर बार-बार पैसे मांगना शुरू कर दिया। कभी विशेष पूजा, कभी ग्रह दोष शांति और कभी अन्य समस्याओं को दूर करने के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करवाए गए।छात्रा ने फरियादी के तौर पर 6 जनवरी से 12 फरवरी के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 97 हजार रुपये ट्रांसफर किए। आरोपियों ने इसे सदका देने और बाद में वापस कर देने के नाम पर झांसा दिया।
आरोपियों की रणनीति
ठग पहले लोगों को यह कहकर अपने जाल में फंसाते हैं कि उन्हें उनकी घरेलू, पारिवारिक या नौकरी से जुड़ी समस्याओं का पता है और वे उसका समाधान कर सकते हैं। इसी बहाने से वे पीड़ित से पैसे ऐंठते हैं। यामिनी के मामले में निशा ने शुरुआत में सीधे संपर्क किया और बाद में जयपुर की कथित गुरु माता का नंबर देकर दावा किया कि वे समस्याओं का समाधान करेंगी। मामले में किए गए सभी ट्रांजैक्शन की जानकारी बैंक और साइबर सेल से प्राप्त की जा रही है। इसके अलावा, मोबाइल नंबर और खाते की पहचान की जा रही है। बैंक खाते के धारकों से पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की प्रतिक्रिया
मदन महल थाना प्रभारी धीरेज राज ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, “हम आरोपियों की पहचान करने और उनके नेटवर्क को पकड़ने के लिए पूरी तरह प्रयासरत हैं। सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर पैसा भेजना बेहद खतरनाक है। किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें।” पुलिस ने यामिनी की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और इंस्टाग्राम अकाउंट के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
साइबर ठगी के बढ़ते तरीके
हाल ही में साइबर ठगों ने धार्मिक और आध्यात्मिक झांसे के नए तरीके अपनाने शुरू किए हैं। यह सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि साइबर क्राइम और सोशल मीडिया के मेल का खतरनाक मिश्रण है। लोग अक्सर अपनी व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्याओं का समाधान पाने के लिए ऑनलाइन मदद लेते हैं, और इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठग लाखों रुपये ऐंठते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सतर्कता और लोगों की साइबर जागरूकता बहुत जरूरी है। लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करके पैसे ट्रांसफर करने से पहले सत्यापन करना चाहिए।
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