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मुंबई: मुंबई की एक कालोनी में कलश यात्रा पर पथराव की घटना सामने आई है। वहीं कर्नाटक के हुबली शहर में सोमवार को शांति व्यवस्था तो कायम हो गई, लेकिन तनाव बना हुआ है। एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट के चलते रविवार को एक समुदाय विशेष से जुड़ी भीड़ ने ओल्ड हुबली थाने पर हमला कर दिया था, जिसमें 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले में अब तक 89 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बोम्मई ने दिए खतरनाक संकेत
समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। मामले की जांच चल रही है। थाने पर हमला करने वालों के साथ ही उन्हें हिंसा के लिए उकसाने वाले नेताओं के खिलाफ भी कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विवादित पोस्ट करने वाले की हिरासत 30 तक बढ़ी
अदालत ने कथित रूप से विवादित पोस्ट करने वाले युवक की पुलिस हिरासत 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है। अदालत में विश्व हिंदू परिषद आरोपित का केस लड़ रही है। हुबली में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई है जो 20 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।
हुबली में शांति
पुलिस ने बताया कि फिलहाल हुबली में शांति है। अब तक 89 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चार वांछित अभी फरार हैं। मामले की जांच के लिए नियुक्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डा. सीएच प्रताप रेड्डी ने हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त लाभू राम के साथ इस मामले में विस्तार से चर्चा की।
क्यों भड़की थी हिंसा?
बता दें कि इंटरनेट मीडिया पर विवादित पोस्ट के बाद शनिवार रात बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा हो गए थे। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया और भीड़ को समझाकर वहां से हटा दिया। लेकिन आधी रात के बाद अचानक थाने पर भारी भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस के कई वाहनों को तोड़ दिया। पास के एक अस्पताल और मंदिर में भी तोड़फोड़ की।
मुंबई की अरे कालोनी में कलश यात्रा पर पथराव
समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई की अरे कालोनी में कलश यात्रा पर पथराव किया गया है। इसमें चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि रविवार को कलश यात्रा खत्म होने वाली थी, ठीक उसी के पहले उस पर पथराव किया गया।
मुंबई पुलिस ने दर्ज किए केस
मुंबई पुलिस ने इसमें अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक फिलहाल हालात नियंत्रण में है। डीसीपी सोमनाथ ने बताया कि कुछ गलतफहमी के चलते यह घटना हुई। किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। घटना के बाद मंदिर को कपड़े से ढक दिया गया है और लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगा दी गई है।
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