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उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के एक उम्मीदवार के नाम ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। सपा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज नथवानी को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। उनका नाम सामने आने के बाद AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा और अखिलेश यादव पर सवाल उठाए हैं। शौकत अली ने नथवानी के पारिवारिक और कारोबारी संबंधों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या उनकी उम्मीदवारी तय कराने में भाजपा नेता और अखिलेश यादव की भाभी अपर्णा यादव की कोई भूमिका है। हालांकि, यह सवाल शौकत अली का राजनीतिक आरोप है और इसके समर्थन में खबर में कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।
अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज’ के बाद सामने आया नाम
राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर जब सवाल किया गया था, तब अखिलेश यादव ने कहा था कि कुछ सरप्राइज के लिए तैयार रहिए। इसके करीब 24 घंटे बाद पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए धनराज नथवानी के नाम की जानकारी दी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में उनके नाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना की तारीख भी 16 अक्टूबर तय की है। सपा के लिए तीसरे उम्मीदवार का चुनाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी के पास दो उम्मीदवारों को आसानी से जिताने की स्थिति बताई गई है, जबकि तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।
शौकत अली ने X पोस्ट में क्या कहा?
AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने अपने X हैंडल से धनराज नथवानी की उम्मीदवारी को लेकर सपा पर निशाना साधा। उन्होंने नथवानी के पिता परिमल नथवानी के भाजपा-NDA से जुड़े होने का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि क्या उनकी उम्मीदवारी के पीछे अपर्णा यादव की कोई भूमिका है।
शौकत अली ने यह भी सवाल उठाया कि मुस्लिम मतदाता भाजपा के खिलाफ सपा को वोट देते हैं, लेकिन राज्यसभा में भाजपा से जुड़े लोगों को भेजे जाने का आरोप क्यों लगाया जा रहा है।
उनके पोस्ट में सपा नेतृत्व और पार्टी के मुस्लिम नेताओं को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की गई। ये टिप्पणियां शौकत अली के राजनीतिक बयान के रूप में हैं।
कौन हैं धनराज नथवानी?
धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर हैं। खबर के मुताबिक, वे रिलायंस न्यू एनर्जी ग्रुप की अलग-अलग सहयोगी कंपनियों में बोर्ड डायरेक्टर के तौर पर भी जुड़े हुए हैं।
नथवानी ने लंदन के रीजेंट्स स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने पब्लिक रिलेशन में MBA की डिग्री हासिल की।
उनके पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा सांसद हैं। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर भी धनराज नथवानी की उम्मीदवारी पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार की अहमियत
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। मौजूदा समीकरणों के अनुसार NDA के पास आठ सीटें हासिल करने की स्थिति बताई गई है, जबकि सपा दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को आसानी से जिताने की स्थिति में है। तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है।
इसी वजह से सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। अब धनराज नथवानी का नाम सामने आने के बाद चुनावी समीकरणों और संभावित समर्थन को लेकर चर्चा और बढ़ गई है।
चुनाव 16 अक्टूबर को, तस्वीर बाद में साफ होगी
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होगा और इसी दिन मतगणना भी की जाएगी। इन सीटों में फिलहाल आठ भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है।
धनराज नथवानी की उम्मीदवारी पर AIMIM नेता की ओर से उठाए गए सवालों के बीच अब सबकी नजर चुनावी प्रक्रिया और विभिन्न दलों के समर्थन पर है। अपर्णा यादव से जुड़ा सवाल फिलहाल शौकत अली के राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आया है; उपलब्ध खबर में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
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