
यूपी। गोरखपुर में सूरजकुंड निवासी रविकांत के पास दो कनेक्शन हैं। दूसरा पिता के नाम से। सामान्य दिनों में हॉकर डिमांड पर सिलेंडर पहुंचा देता था, लेकिन बदले हालात में रविकांत एजेंसी पर पहुंचे तो संचालक का जवाब सुनकर चौंक पड़े। बताया गया कि पिछले एक साल में 23 सिलेंडर की डिलीवरी हो चुकी है। इसके बाद एप और टोल फ्री नंबर से बुकिंग करने के प्रयास में जवाब मिला कि सिलेंडर डिलीवरी की अधिकतम सीमा पूरी हो चुकी है।
मायाबाजार निवासी पूर्णिमा के कनेक्शन पर लिमिट से अधिक सिलेंडर की डिलीवरी हो चुकी है। पूर्णिमा बताती हैं कि तीन से चार बार बुकिंग के बाद 59 रुपये सब्सिडी मिली थी। लेकिन इसके बाद भी सब्सिडी मिली। लगा की तकनीकी दिक्कत है। अब पता चल रहा है कि हाकर खुद बुक करा कर दूसरे को डिलीवरी कर देता था। जिसकी सब्सिडी मेरे खाते में आती थी।एलपीजी सिलेंडर की दिक्कतों के बीच रविकांत और पूर्णिमा जैसे दर्जनों लोग गैस एजेंसियों पर भटकते हुए दिख रहे हैं। बिछिया निवासी शैलेश कुमार ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही थी। एजेंसी पर चेक कराया तो पता चला 15 सिलेंडर नंबर पर डिलीवर हो चुके हैं।
पेट्रोलिम कंपनी के अधिकारियों तक भी बिना बुकिंग डिलीवरी की शिकायतें पहुंची हैं। लेकिन वे इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ग्राहकों के खाते में बिना सिलेंडर बुकिंग के ही 59 रुपये की सब्सिडी मिल रही थी, उन्हें तभी शिकायत करनी चाहिए थी। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम 7 मार्च से 60 रुपये बढ़ाया गया। जिन उपभोक्ताओं ने इसके पहले बुकिंग कराई थी. उनको अब तक सिलेंडर नहीं मिला है लेकिन डिलीवरी का मैसेज आ रहा है। ऐसे उपभोक्ता मोबाइल लेकर एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई दिनों से एजेंसियों के चक्कर लगा रहे अरविंद द्विवेदी, ऋतिक निषाद और सीमा ने बताया कि सात मार्च से पहले बुकिंग कराई थी।
सिलेंडर नहीं पहुंचा लेकिन 915 रुपये का डिलीवरी का मैसेज आ गया। एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने 3 मार्च को बुकिंग कराई थी, ऑन लाइन पेमेंट भी कर दिया था, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। इस सबंध में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि ऑयल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि बिना सिलेंडर मिले डिलीवरी का मैसेज आने वाले उपभोक्ताओं को जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।





