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कठुआ के बानी में जवानों ने प्रियजनों से दूर मनाई दिवाली

SHIDDHANT
20 Oct 2025 9:50 PM IST
कठुआ के बानी में जवानों ने प्रियजनों से दूर मनाई दिवाली
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Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर। दिवाली के पावन अवसर पर कठुआ जिले के बानी क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने अपने परिवार और प्रियजनों से दूर रहते हुए भी त्योहार का जश्न मनाया। जवानों ने अपने ठिकानों पर दीये जलाए और फुलझड़ियों के माध्यम से दिवाली का उत्सव मनाकर अपने मनोबल और देशभक्ति की मिसाल पेश की। इस अवसर पर सैनिकों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पारंपरिक तरीके से दिवाली मनाई। बानी के ठिकानों को रंग-बिरंगी लाइटों और दीयों से सजाया गया। जवानों ने सीमांत क्षेत्रों में रहते हुए भी यह संदेश दिया कि चाहे परिवार दूर हो, उत्सव की खुशी और पर्व की भावना हमेशा उनके दिलों में जीवित रहती है।
सेना के अधिकारियों ने कहा कि दिवाली मनाना सैनिकों के लिए विशेष अनुभव होता है क्योंकि वे अपने परिवार से दूर रहते हैं, लेकिन यह उन्हें अपने कर्तव्य और देश सेवा के प्रति और अधिक प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि जवानों ने अपने बीच छोटा सा मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें दीयों, फुलझड़ियों और मिठाइयों का आनंद लिया गया। जवानों ने सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अपने परिवारों से संपर्क कर दिवाली की शुभकामनाएँ भी साझा की। इस दौरान उनके परिवारों ने भी अपने जवानों को शुभकामनाएं दीं और उनके साहस और समर्पण की सराहना की। सैनिकों ने बताया कि दिवाली मनाना उनके लिए केवल व्यक्तिगत आनंद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सीमांत सुरक्षा के दौरान मनोबल बढ़ाने और एकजुटता प्रदर्शित करने का अवसर भी है।
सेना ने यह सुनिश्चित किया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न आए। सीमांत इलाकों में जवानों ने सुरक्षा के साथ-साथ दिवाली के कार्यक्रमों को भी सफलतापूर्वक संपन्न किया। अधिकारियों ने कहा कि जवानों का यह उत्सव देशभक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जो हर नागरिक के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर जवानों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए, साथ ही अपने ठिकानों को दीपों और सजावट से सजाया। फुलझड़ियों की चमक और दीपों की रोशनी ने सीमांत क्षेत्र को भी त्योहार की भव्यता और उल्लास से भर दिया।
भारतीय सेना ने कहा कि यह पर्व सैनिकों के लिए परिवारिक मिलन और सामाजिक उत्सव का अनुभव देने का भी अवसर है। दिवाली के दौरान जवानों ने अपने साथियों के साथ मिलकर एकजुटता और भाईचारे का संदेश फैलाया। इस तरह, कठुआ के बानी में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने अपने परिवार से दूर रहते हुए भी दीप और फुलझड़ियों के माध्यम से दिवाली का पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। उनके उत्साह और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति के मार्ग पर कदम रखने वाले सैनिकों के लिए त्योहार का अर्थ केवल जश्न नहीं, बल्कि सेवा, सुरक्षा और साहस का प्रतीक भी है।
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