भारत
सर्पदंश से मौतों पर लगेगी लगाम, जीरो स्नेकबाइट डेथ के लिए बड़ी कार्य योजना तैयार
Shantanu Roy
6 July 2026 4:16 PM IST

x
Hospice. धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में अब सांप के काटने (सर्पदंश) से होने वाली अकाल मौतों को रोकने के लिए सरकार ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश में सर्पदंश को नोटीफायबल (अधिसूच्य) रोग घोषित कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब सांप काटने के हर एक मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य होगा। जीरो स्नेकबाइट डेथ (शून्य सर्पदंश मृत्यु) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक ठोस राज्य स्तरीय कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस महत्त्वपूर्ण कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शनिवार को धर्मशाला के जोनल अस्पताल में एक उच्च स्तरीय स्टेकहोल्डर बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में स्वास्थ्य, वन, शिक्षा, कृषि, जल शक्ति और पशुपालन सहित तमाम विभागों के अधिकारियों व विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में हर साल करीब 100 लोगों की जान सर्पदंश के कारण चली जाती है। अमृता इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज कोच्चि के डा. जयदीप सी मेनन ने बताया कि 70 से 80 प्रतिशत मामलों में सांप जहरीले होते ही नहीं हैं, लेकिन अगर कोई जहरीला सांप काट ले, तो मरीज को शुरुआती अहम समय के भीतर अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसका एकमात्र प्रमाणित और वैज्ञानिक इलाज एंटी-स्नेक वेनम है, जो प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है। विशेषज्ञों ने इस बात पर एकमत होकर सहमति जताई कि जीरो स्नेकबाइट डेथ का सपना केवल स्वास्थ्य विभाग के दम पर पूरा नहीं हो सकता, बल्कि सभी विभागों के जमीनी समन्वय और व्यापक जन-जागरूकता से ही यह संभव होगा।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh News UpdatesHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





