भारत

स्कूलों में छात्रों को बैठने के लिए फर्नीचर तक नहीं

Shantanu Roy
19 Jun 2026 5:52 PM IST
स्कूलों में छात्रों को बैठने के लिए फर्नीचर तक नहीं
x
चंबा। जिला चंबा में सर्व शिक्षा अभियान एसएसए के अंतर्गत संचालित सरकारी स्कूलों के सामाजिक अंकेक्षण त्त्सोशल आडिट ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करते हुए बुनियादी ढांचे, छात्र सुरक्षा, पेयजल, शौचालय, पहुंच मार्ग, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुविधाओं और प्रशासनिक निगरानी सहित कई क्षेत्रों में गंभीर खामियों की ओर संकेत किया है। इन निष्कर्षों को गुरुवार को चंबा शहर में आयोजित एक जनसुनवाई के दौरान सार्वजनिक किया गया। जनसुनवाई में 600 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इनमें अभिभावक, शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि, स्कूल प्रबंधन समिति एसएमसी के सदस्य तथा अन्य संबंधित पक्ष शामिल थे। यह सामाजिक अंकेक्षण हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एचपीयू की एक टीम द्धारा किया गया, जिसका नेतृत्व डा. रणधीर रांटा ने किया। टीम ने जिले के कुल 1,636 स्कूलों में से 342 स्कूलों का अध्ययन एवं मूल्यांकन किया, जिनमें जनजातीय क्षेत्र भरमौर के विद्यालय भी शामिल हैं।
यह कुल स्कूलों का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है। शेष स्कूलों का मूल्यांकन आगामी चार चरणों में किया जाएगा। जनसुनवाई के दौरान रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डा. रणधीर रांटा ने कहा कि अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि जिले के अनेक स्कूल अभी भी गुणवाापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। रिपोर्ट के अनुसार जिले के लगभग एक-तिहाई स्कूलों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए पर्याप्त कमरों की व्यवस्था नहीं है। सामाजिक अंकेक्षण में यह भी सामने आया कि लगभग 50 प्रतिशत विद्यालयों में पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को उचित बैठने की व्यवस्था के बिना पढाई करनी पड रही है, जोकि शिक्षा की गुणवाा को प्रभावित करता रिपोर्ट में छात्र सुरक्षा को लेकर भी चिंताजनक स्थिति सामने आई है। सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट को आगे आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा।
Next Story