पुलिस अधिकारी की कार में रेप, कथित पत्रकार ने घिनौनी हरकत को दिया अंजाम

यूपी। कानपुर के सचेंडी में किशोरी से रेप मामले में बुधवार को पुलिस आयुक्त ने डीसीपी पश्चिम को हटा दिया। इसके साथ ही थाना प्रभारी और दरोगा को निलंबित कर दिया है। दरोगा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमों व क्राइम ब्रांच को लगाया है। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सचेंडी के एक गांव निवासी युवक ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कराया था। युवक के मुताबिक 14 वर्षीय बहन सोमवार की रात घर से थोड़ी दूरी पर गई थी। रात 12 बजे के बाद वह लौटी और बताया कि रास्ते में काली कार सवार दो युवकों ने उसको जबरदस्ती कार में बिठा लिया और रेलवे लाइन किनारे ले गए।
कार सवारों में से एक युवक ने उससे रेप किया। पुलिस जांच में यू-ट्यूबर व खुद को पत्रकार बताने वाले शिवबरन यादव का नाम सामने आया। काली कार दरोगा अमित मौर्या की निकली। वारदात के समय दरोगा भी मौजूद था। घटना छिपाने में सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अफसरों को सही तथ्य नहीं बताए। पॉक्सो की धारा भी नहीं लगाई। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने थाना प्रभारी विक्रम सिंह और दरोगा अमित मौर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस आयुक्त ने डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी को भी हटा दिया है। शिवबरन को हिरासत में लेकर जांच हो रही है। पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने उसके कलमबंद बयान लिए हैं। पुलिस आयुक्त, रघुबीर लाल ने कहा कि घटना तो तोड़-मरोड़कर पेश करने और पॉक्सो में कार्रवाई न करने की लापरवाही में थाना प्रभारी और दरोगा को निलंबित किया गया है। दरोगा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमों व क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।
आरोपी दारोगा अमित मौर्या का डीसीपी -पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने तीन दिन पहले ही बिठूर थाने में स्थानांतरण किया था। उसने अपनी रवानगी बिठूर नहीं कराई। चर्चा है कि किसी गुडवर्क के जरिए अफसरों को खुश करके वह फिर से चौकी पाने की जुगत लगा रहा था। मंगलवार को किशोरी का प्रकरण सामने आया और एफआईआर दर्ज हो गई तो वह फरार हो गया। इसके बाद बुधवार सुबह सचेंडी थाने पहुंचा और खुद को बिठूर थाने के लिए रिलीव भी करा लिया। घटना के बाद देर रात तक वह सचेंडी थाने में रहा और सुबह फिर पहुंचा लेकिन जिम्मेदार उसे बचाते रहे। इसी का नतीजा रहा कि वह फरार हो गया। मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह को दी गई है। उनकी जांच में प्रथम दृष्ट्या शिवबरन यादव, दरोगा अमित की भी भूमिका मिली है। जिसके बाद आरोपी अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है जबकि दरोगा की तलाश में टीमें लगी हैं।





