Rajya Sabha Elections: NDA ने बिहार में 5 सीटों पर दर्ज जीत की

New Delhi. नई दिल्ली। बिहार, ओडिशा और हरियाणा की राज्यसभा की 11 सीटों पर मतदान प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इन तीन राज्यों में मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बीच बेहद दिलचस्प मुकाबला देखा गया। मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू हो गई। इसके पहले राज्यसभा की कुल 37 सीटों के लिए चुनाव होना था, लेकिन सात राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके थे। इनमें पश्चिम बंगाल की 5, महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6, ओडिशा की 4, असम की 3, छत्तीसगढ़ की 2, हरियाणा की 2, तेलंगाना की 2 और हिमाचल प्रदेश की 1 सीट शामिल थी।
हरियाणा की दो सीटों पर मतदान
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान हुआ। इस चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे। तीन उम्मीदवारों की उपस्थिति के कारण मुकाबला दिलचस्प बन गया। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को तीन निर्दलीय विधायकों और भाजपा के अप्रत्यक्ष समर्थन के चलते चुनावी क्षेत्र में मजबूत माना जा रहा था। कांग्रेस ने अपनी चिंता जताई कि उनके वोटों में सेंध लग सकती है। इस कारण पार्टी ने अपने अधिकांश विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजा और मतदान से ठीक पहले उन्हें चंडीगढ़ लाने की योजना बनाई। मतदान से पहले कुछ विधायकों द्वारा मतदान गोपनीयता पर आपत्ति भी दर्ज की गई। कांग्रेस ने बीजेपी विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के मत पर सवाल उठाया, जबकि बीजेपी ने कांग्रेस के दो विधायकों परमवीर सिंह और भारत बेनीवाल के मत पर आपत्ति जताई।
ओडिशा में भाजपा पर आरोप
ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा पर ‘खरीद फरोख्त’ में शामिल होने का आरोप लगाया। राज्य की चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे। क्रॉस वोटिंग की आशंका के कारण राजनीतिक दलों की निगाहें इस चुनाव पर टिकी रही।
बिहार में NDA की ऐतिहासिक जीत
बिहार में पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन किया और सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा के नितिन नवीन, शिवेश राम, JDU के नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के उपेन्द्र कुशवाहा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। विशेष रूप से पांचवीं सीट पर भाजपा के शिवेश राम ने महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह को महज एक वोट के अंतर से हराया। शिवेश राम को 38 वोट मिले जबकि अमरेंद्रधारी सिंह को 37 वोट ही प्राप्त हुए। बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि ‘हम विधानसभा सत्र से कह रहे थे कि हम पांचों सीट जीतेंगे। विधायकों की संख्या के अनुसार हमें जीतना ही था।’ इस जीत ने बिहार की राजनीति में NDA की मजबूत पकड़ को दर्शाया।
मतदान प्रक्रिया और गोपनीयता
मतगणना से ठीक पहले हरियाणा राज्यसभा चुनाव में मतदाता गोपनीयता पर आपत्ति दर्ज की गई। कांग्रेस और बीजेपी दोनों पक्षों ने आरोप लगाए कि कुछ विधायकों द्वारा डाले गए मत गुप्त नहीं रहे। यह विवाद मतदान की प्रक्रिया और निष्पक्षता पर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इन सभी आपत्तियों का विधिक रूप से पालन किया जाएगा और मतगणना निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी।
चुनाव का विश्लेषण
राज्यसभा चुनाव परिणाम राजनीतिक दलों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। बिहार में NDA की पांचों सीटों पर जीत से यह स्पष्ट होता है कि विधानसभा में उनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है। वहीं हरियाणा और ओडिशा में मुकाबला बेहद करीबी और रणनीतिक रहा। ओडिशा में बीजद और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने चुनाव को संवेदनशील बनाया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में पांचवीं सीट पर एक वोट से हुई जीत भविष्य में गठबंधन राजनीति और उम्मीदवार चयन पर महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है। हरियाणा में निर्दलीय उम्मीदवार और क्रॉस वोटिंग की संभावना ने चुनाव की अनिश्चितता बढ़ाई।





