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Market. मंडी। मंडी जिला में मानसूनी बारिश ने ग्रामीण सडकों पर कहर बरपाया है। प्रशासन दिन के उजाले में बंद पडी इन सडकों में से कुछ को बहाल करता है और अंधेरा होते ही बारिश मलबे तथा चट्टानी पत्थरों से बंद कर देती है। बारिश के इस दौर में प्रशासन ने बिजली और पेयजल की व्यवस्था को जैसे तैसे करके फिलहाल सही स्थिति में रखा है। मंडी जिला आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार भारी बारिश के कारण सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा उत्पन्न जरूर हुई है। लेकिन इस दौरान प्रशासन ने बेहतर बनाने का जो प्रयास किए उसका परिणाम साकारात्मक रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की सुबह 10 बजे की कुल 56 सडकें अवरूद्ध थी।
जिनमें से शाम होते होते इनकी संख्या 43 रह गई। सोमवार की सुबह 10 बजे तक कुल 56 सडक़ें अवरुद्ध थीं। इनमें एमडीआर की चार और ग्रामीण सडक़ें 52 बंद थी। यह संख्या घटकर 43 रह गई है। बंद सडकों में एमडीआर की तीन और ग्रामीण सडक़ें 40 शामिल हैं। सराज में 34, थलौट में सात, सुंदरनगर में एक और जोगिंदरनगर में एक सडक़ बंद है। सोमवार को प्रशासन 13 सडक़ें खोलने में सक्षम हो पाया है। मंडी जिला में बिजली आपूर्ति कुछ क्षेत्रों में ठप हो गई थी। सोमवार को सुबह 10 बजे तक कुल 61 डीटीआर बाधित थे। इनमें मंडी डिवीजन के 34 और गोहर डिवीजन 27 शामिल थे। सोमवार शाम तक बिजली व्यवधान पूरी तरह समाप्त हो गया। सरकाघाट डिवीजन में एक योजना बंद है। कुल मिलाकर सडक़ों में आंशिक सुधार, बिजली में पूर्ण बहाली और जलापूर्ति में स्थिरता बनी रही है। डीईओसी द्वारा जारी यह रिपोर्ट भारी बारिश के प्रभाव और राहत कार्यों की प्रगति को दर्शाती है।
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