सिख नरसंहार को लेकर राहुल गांधी की माफी राजनीतिक ढोंग : मंजिंदर सिंह सिरसा

सिरसा ने पोस्ट के साथ एक वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी पर विदेशों में भारत और सिखों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सच का सामना करने की बारी आई, तो राहुल गांधी दरबार साहिब में सेवा का हवाला देकर पीछे हट गए। सिरसा ने तंज कसते हुए पूछा, "क्या सिखों के लहू का प्रायश्चित एक सेवा से हो जाएगा?" इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि कमलनाथ, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर को पार्टी में अब तक क्यों बरकरार रखा गया है? मंजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर अभिव्यक्ति की आजादी की बात करने का ढोंग करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से एक वीडियो को कांग्रेस ने साझा तक नहीं किया, जिसमें सिख युवाओं ने राहुल गांधी के सामने 1984 के दंगों का सच रखा था। सिरसा ने दावा किया कि कांग्रेस ऐसा इसलिए नहीं कर रही क्योंकि यह वीडियो उनकी ड्रामा-पॉलिटिक्स और दोहरे चरित्र को उजागर कर देगा। उन्होंने कहा, "ये सिर्फ एक वीडियो नहीं था… ये सिख कौम की पीड़ा, ग़ुस्सा और इंसाफ की पुकार थी।"
सिरसा ने राहुल गांधी के हालिया बयान को माफी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक ढोंग करार दिया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की चुप्पी, उनका टालमटोल और दोषियों को संरक्षण… यही गांधी परिवार का असली चेहरा है। अपनी दादी और पिता की तरह राहुल गांधी भी सिखों से नफरत करते थे, हैं और करते रहेंगे।"





