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राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट के छात्रों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी

Shantanu Roy
14 March 2026 6:03 PM IST
राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट के छात्रों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी
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New Delhi. नई दिल्ली। देश की राजनीति और सामाजिक पहल के बीच, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट के छात्रों को आत्मरक्षा और मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी। दिल्ली में आयोजित विशेष सत्र में नॉर्थ ईस्ट के 18 छात्रों का डेलिगेशन राहुल गांधी से ट्रेनिंग लेने पहुंचा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आत्मविश्वास देना और उन्हें किसी भी परिस्थिति में खुद की सुरक्षा करने की क्षमता सिखाना था।

इंटरैक्टिव सत्र में छात्रों का प्रशिक्षण
सूत्रों के अनुसार, डेलिगेशन में लड़के और लड़कियां दोनों शामिल थे, जो मार्शल आर्ट की ड्रेस में कार्यक्रम में उपस्थित हुए। राहुल गांधी ने छात्रों को बेसिक आत्मरक्षा तकनीकें सिखाईं और साथ ही उनके अनुभवों और चुनौतियों पर चर्चा भी की। यह सत्र केवल मार्शल आर्ट तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्रों को यह संदेश देना था कि वे सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में अपने जीवन और अध्ययन को जारी रख सकें। राहुल गांधी की पूरी टीम भी कार्यक्रम में मौजूद थी और इसे लेकर खास तैयारियाँ की गई थीं। उन्होंने छात्रों के साथ संवाद करते हुए उनके सामने आने वाले मुद्दों और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के अनुभवों पर भी चर्चा की।

नॉर्थ ईस्ट छात्रों के सुरक्षा मुद्दे
हाल के वर्षों में नॉर्थ ईस्ट के छात्रों को देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा और भेदभाव का सामना करना पड़ा है। राहुल गांधी ने लगातार इन छात्रों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाया है। बीते 27 फरवरी को भी उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के 18 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी, जिसमें छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से राहुल गांधी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि देश के किसी भी हिस्से से आने वाले छात्रों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए।

राहुल गांधी और मार्शल आर्ट
राहुल गांधी का मार्शल आर्ट से जुड़ाव पुराना है। वह एकिडो में ब्लैक बेल्ट रखते हैं। एकिडो जापान की पारंपरिक मार्शल आर्ट है, जिसमें आत्मरक्षा और संतुलन की तकनीकों पर जोर दिया जाता है। इसे जूजीत्सू से विकसित माना जाता है और इसमें प्रतिद्वंद्वी की ताकत को उसी के खिलाफ इस्तेमाल करने की तकनीक सिखाई जाती है। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों को इन तकनीकों के बेसिक गुर सिखाए और उन्हें प्रतिद्वंद्वी से निपटने के सुरक्षित तरीके बताए। इस पहल को न केवल आत्मरक्षा प्रशिक्षण के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के साथ एकजुटता और समर्थन का संदेश भी है।

सामाजिक संदेश और प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की यह पहल छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने, सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करने और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के कल्याण के लिए एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है। पार्टी का मानना है कि देश के किसी भी हिस्से से आने वाले छात्रों को दूसरे राज्यों में सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए। इस कार्यक्रम से यह भी स्पष्ट हुआ कि छात्रों की सुरक्षा और आत्मरक्षा के मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक पहल दोनों के रूप में देखा जा सकता है।
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