झोलाझाप डॉक्टर ने गर्भवती और नवजात को मार डाला, सुन्न किए बिना कर रहा था ऑपरेशन

यूपी। बहराइच जिले में झोलाछाप की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विशेश्वरगंज कस्बे में संचालित निजी हॉस्पिटल में भर्ती गर्भवती का झोलाछाप ने बिना एस्थीसिया दिए पेट फाड़ दिया। इससे जच्चा और बच्चा दोनों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद घबराए झोलाछाप ने टांका लगाकर पेट वापस सिल दिया। हालत गंभीर होने का हवाला देकर आरोपी प्रसूता का शव अपने वाहन में भरकर दूसरे डॉक्टर की क्लीनिक के बाहर छोड़कर फरार हो गया। मामले में मृतका के पति ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। पुलिस और स्वास्थ्य टीम पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बंजरिया निवासी सतीश कुमार ने सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर अपनी 22 वर्षीय पत्नी गुड़िया देवी को कस्बे के पुरैना में संचालित सुमन पॉलीक्लीनिक में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि देर रात ऑपरेशन का हवाला देकर झोलाछाप ने बिना एनस्थीसिया दिए ही उसका पेट फाड़ दिया। इसके बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद ही टेबल पर उसने दम तोड़ दिया। झोलाछाप ने कर्मियों को भरोसे में लेकर प्रसूता के पेट को टांका लगाकर सिल दिया।
आरोप है कि क्लीनिक के कर्मचारी बिना सही जानकारी दिए ही उसकी मृतक पत्नी के शव को अपने वाहन में लादकर गोंडा बॉर्डर स्थित दूसरे चिकित्सक के क्लीनिक पर छोड़कर भाग गए। चिकित्सक ने बताया कि शव लेकर यहां क्यों आए हो, तब मामले का खुलासा हो सका। पीड़ित ने झोलाछाप और उनके सहयोगियों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना के बाद आरोपित क्लीनिक छोड़कर फरार हो गए हैं।
इस संबंध में विशेश्वरगंज एसएचओ संदीप कुमार दुबे ने बताया, गलत तरीके से ऑपरेशन से युवती की मौत होने से संबंधित तहरीर मिली है। क्लीनिक पर छापेमारी की गई है। वहां कोई नहीं मिला है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बहराइच सीएमओ डॉ. संजय शर्मा का कहना है कि जच्चा-बच्चा की मौत होने पर तत्काल सीएचसी अधीक्षक को भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यह नर्सिंग होम अवैध है।





