भारत
कैंसर दवाओं और वैक्सीन पर QR कोड लगाना अनिवार्य, सरकार ने जारी किए आदेश
Tara Tandi
25 Jun 2026 3:29 PM IST

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नई दिल्ली: गुरुवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, भारत की दवा सप्लाई चेन की क्वालिटी, सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए सरकार ने QR कोड-आधारित ट्रैकिंग का दायरा बढ़ा दिया है। इसमें अब वैक्सीन, एंटीमाइक्रोबियल, कैंसर-रोधी दवाएं और नशीली व साइकोट्रोपिक दवाएं भी शामिल होंगी।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन की सूचना जारी की है। इसके तहत इन श्रेणियों की दवाओं को 'शेड्यूल H2' में शामिल किया गया है और मौजूदा 'ट्रैक-एंड-ट्रेस' सिस्टम का दायरा बढ़ाया गया है।
संशोधित नियमों के तहत, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के दायरे में आने वाली सभी वैक्सीन, एंटीमाइक्रोबियल, नशीली व साइकोट्रोपिक दवाओं और सभी कैंसर-रोधी दवाओं की पैकेजिंग पर बारकोड या क्विक रिस्पॉन्स (QR) कोड लगाना अनिवार्य होगा।
अब निर्माताओं को उत्पाद की प्राइमरी पैकेजिंग लेबल पर या, जहां जगह कम हो, वहां सेकेंडरी पैकेजिंग लेबल पर QR कोड प्रिंट करना या लगाना होगा।
QR कोड में महत्वपूर्ण जानकारी होगी जिसे सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के जरिए एक्सेस किया जा सकेगा। इससे पूरी सप्लाई चेन में दवाओं की प्रमाणिकता और सत्यापन (वेरिफिकेशन) में आसानी होगी।
सरकार के अनुसार, इस कोड में यूनिक प्रोडक्ट आइडेंटिफिकेशन कोड, जेनेरिक और ब्रांड नाम, निर्माता का नाम और पता, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति की तारीखें, निर्माण लाइसेंस नंबर और (जहां लागू हो) एक्सीपिएंट्स (दवा में इस्तेमाल होने वाले अन्य पदार्थ) के बारे में जानकारी शामिल होगी।
QR कोड-आधारित पहचान की यह अनिवार्यता पहले देश के केवल शीर्ष 300 फार्मास्युटिकल ब्रांडों पर लागू थी।
सरकार का कहना है कि बेहतर ट्रेसेबिलिटी सिस्टम से सप्लाई चेन के विभिन्न चरणों में दवाओं की प्रमाणिकता की जांच हो सकेगी और दवा उत्पादों की ट्रैकिंग और सत्यापन में सुधार होगा।
सरकार ने यह भी कहा कि इस फैसले से नकली दवाओं के वितरण को रोकने के प्रयासों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। साथ ही, नकली और घटिया एंटीमाइक्रोबियल उत्पादों की पहचान और निगरानी में मदद करके यह एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के खिलाफ लड़ाई में भी योगदान देगा।
इसके अलावा, इसे लागू करने के लिए पर्याप्त समय देने के मकसद से सरकार ने चरणबद्ध तरीके से नियमों का पालन करने की समय-सीमा तय की है। सरकार ने कहा कि वैक्सीन, कैंसर-रोधी दवाओं और नशीली व साइकोट्रोपिक दवाओं से जुड़े नियम 1 जुलाई, 2027 से लागू होंगे, जबकि एंटीमाइक्रोबियल दवाओं से जुड़े नियम 1 जुलाई, 2028 से प्रभावी होंगे।
इस कदम का मकसद देश की दवा सप्लाई चेन में रेगुलेटरी निगरानी को मजबूत करना और ज़्यादा पारदर्शिता, सुरक्षा व जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
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