
जौनपुर। लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ खंडीय लेखाधिकारी राम मिलन यादव ने सत्ताधारी दलों के दो विधायकों के प्रतिनिधियों पर अधिशासी अभियंता के कक्ष में जानलेवा हमला करने व लेखाधिकारी गौरव सिंह सहित बंधक बनाने का आरोप लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार के इशारे पर पिटाई की गई। विधायकों के दबाव में पुलिस मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही है।
राम मिलन यादव के अनुसार वह दोपहर करीब दो बजे खरका तिराहा का पास स्थित अपने कार्यालय में बैठे थे। उसी समय अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया। कक्ष में पहुंचा तो बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश मिश्र के प्रतिनिधि गुड्डू प्रधान व शाहगंज के निषाद पार्टी के विधायक रमेश सिंह के प्रतिनिधि पहले से मौजूद थे। दोनों जबरन कुछ कागजों पर मेरा हस्ताक्षर कराना चाहते थे। मैंने आपत्ति की तो अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार नाराज हो गए। उनके उकसाने पर गुड्डू प्रधान व रजनीश सिंह ने मेरे ऊपर जानलेवा हमला कर बुरी तरह से पीटा। उसी समय कक्ष में आए मेरे मित्र लेखाधिकारी गौरव सिंह व मुझे दोनों ने कक्ष में ही बंधक बना लिया। पुलिस के आने पर हम लोग मुक्त हो सके। राम मिलन यादव ने बताया कि उन्होंने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के लिए गुड्डू प्रधान व रजनीश सिंह के विरुद्ध लाइन बाजार थाना में तहरीर दी है।
आरोप लगाया कि दोनों विधायकों के फोन आने के बाद दबाव में आई पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना तो दूर मेरा मेडिकल मुआयना तक नहीं कराया। इस बारे में पूछने पर थाना प्रभारी सतीश सिंह ने कहा तहरीर मिली है। छानबीन कर उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ आरोपितों में एक गुड्डू प्रधान ने कहा, राम मिलन के मनमानी कामकाज से लगभग दो वर्षों सभी ठेकेदार परेशान हैं। 10 प्रतिशत कमीशन के फेर में विभाग से बिल पास नहीं हो रहा है। राम मिलन यादव दोपहर कार्यालय आते और चले जाते हैं। शुक्रवार को घर चले जाते हैं। फिर मंगलवार या बुधवार को आते हैं। गुड्डू प्रधान ने बताया, राम मिलन यादव के विरुद्ध अनुसूचित जाति के ठेकेदार से मारपीट के मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज है। डीएम व एसपी से शिकायत किए जाने पर भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।





