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Nerchowk. नेरचौक। भारतीय किसान संघ जिला मंडी की एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की रीति-नीतियों और किसानों के कल्याण के लिए आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से उपस्थित भारतीय किसान संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशीला बिश्नोई, प्रांत उपाध्यक्ष उमेश सूद और प्रदेश संगठन मंत्री हरि राम ने पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। चर्चा के दौरन बैठक में बताया गया कि इस समय जिला के दुग्ध उत्पादक किसान भारी संकट से गुजर रहे हैं। विभाग द्वारा किसानों को उनके दूध का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है,जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह डगमगा गई है। किसान संघ ने सरकार की नीतियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि एक तरफ ग्रामीण युवाओं और किसानों ने स्वरोजगार के लिए बैंकों से भारी-भरकम ऋ ण लेकर दुग्ध उत्पादन का काम शुरू किया है।
वहीं दूसरी तरफ सरकार ने दूध की खरीद पर सीमा (कैपिंग) लगा रखी है। संघ ने इसे पूरी तरह से किसान विरोधी और सरासर गलत करार दिया है। भारतीय किसान संघ ने हिमाचल प्रदेश सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि किसानों का रुका हुआ पैसा जल्द जारी नहीं किया गया और दूध की पूरी खरीद सुनिश्चित नहीं की गई,तो संघ पूरे प्रदेश में उग्र आक्रोश आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर हिमाचल प्रदेश सरकार की होगी। इस बैठक में जिला मंडी के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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