परीक्षा संशोधन बिल को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, अब देशभर में नया कानून लागू

इस नए कानून का मकसद सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक, नकल और धांधली पर रोक लगाना है. हाल ही में संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था. राष्ट्रपति की मुहर लगते ही इस कानून ने पूर्व में लागू 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम' में कई बड़े संशोधन कर दिए हैं. नए संशोधन अधिनियम के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और सेवा प्रदाताओं पर नकेल कसी जाएगी. गलत साधनों का इस्तेमाल करने वाले समूहों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने लागू किया गया है. कानून के दायरे में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार के दूसरे मंत्रालयों और विभागों की सभी परीक्षाएं शामिल हैं.
सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भरोसा मजबूत होगा. नए कानून के तरत परीक्षाओं में किसी भी तरह की तकनीकी सेंधमारी या मिलीभगत को रोकने के लिए जांच एजेंसियों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं.





