प्रयागराज प्रशासन ने 7 अगस्त तक सभी स्कूल बंद करने का लिया निर्णय

यूपी। प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है। इससे बाढ़ ने और विकराल रूप ले लिया है। सोमवार की शाम तक लगभग पांच लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो चुकी थी। 60 हजार से अधिक लोग बेघर हुए। थोड़ी राहत की बात यह है कि बीते कुछ दिनों से जहां प्रतिदिन एक मीटर से अधिक की बढ़ोतरी हो रही थी, वहीं सोमवार को वृद्धि की रफ्तार धीमी रही, लेकिन थमी नहीं।
ऐसे में फिलहाल अफसर आगे क्या स्थिति होगी इस बारे में कुछ कहने से बच रहे हैं। थमी रफ्तार को देखते हुए मंगलवार से कुछ राहत की उम्मीद जताई जा रही है। इस बीच सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद अफसरों के साथ बैठक कर बाढ़ राहत के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। बाढ़ और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रयागराज में 12वीं कक्षा तक के सभी बोर्ड के स्कूल सात अगस्त तक बंद कर दिए गए हैं।
गंगा और यमुना का जलस्तर सोमवार को भी बढ़ा। सुबह आठ बजे की बात की जाए तो रविवार के मुकाबले नैनी में यमुना का जलस्तर 50 सेंटीमीटर, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 54 और छतनाग में 56 सेंटीमीटर बढ़ा। शाम को चार बजे एक से डेढ़ सेंटीमीटर प्रतिघंटा की वृद्धि की रफ्तार रही। जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार धीमी होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली है। उम्मीद है कि मंगलवार शाम के बाद कुछ और राहत मिल सकती है। वहीं, डिप्टी सीएम ने ब्वॉयज हाईस्कूल व वाईएमसीए स्कूल में बने राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने भोजन का अतिरिक्त स्टॉक रखने के साथ ही यह भी कहा है कि जो गांव टापू बन गए हैं, उन्हें भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की तरह माना जाए और वहां पर खाद्य सामग्री पहुंचाई जाए। बिजली की आपूर्ति के लिए जनरेटर का प्रबंध किया जाए।





