प्रशांत किशोर ने थाने में किया हंगामा, पुलिस अधिकारी के साथ बहसबाजी का आरोप

बिहार। जनसुराज के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा उठाए जाने की जानकारी के बाद पार्टी संयोजक प्रशांत किशोर बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ देर रात जक्कनपुर थाने पहुंच गए, जहां उनकी एसएचओ रितुराज सिंह से तीखी बहस हो गई. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें पुलिस अधिकारी ने किसी दबाव में न होने की बात कही और पद छोड़ने तक का जिक्र कर दिया. वहीं, प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बिहार की जनता को पुलिस का रवैया दिखाने की बात कही.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर ने पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जताई और पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा. एसएचओ रितुराज सिंह से हुई बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच गर्मागर्मी का माहौल बना.
प्रशांत किशोर ने थानेदार ऋतुराज सिंह से अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और थाने से दो कार्यकर्ताओं के गायब होने के आरोपों पर सीधा सवाल दागा. उन्होंने एसएचओ से पूछा कि अगर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोई अपराध नहीं किया है तो उन्हें थाने क्यों लाया गया और वह अब कहां गायब हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की आखिरी तस्वीर इसी थाने की है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य में पुलिस राज चल रहा है.
बहस के दौरान एसएचओ ऋतुराज सिंह ने कहा कि वह किसी के दबाव में काम नहीं कर रहे हैं और अगर ऐसे ही थाने में आकर धमकी दी जाएगी तो वो नौकरी या वर्दी छोड़ने को भी तैयार हैं. उन्होंने कहा कि किसी को जबरन उठाकर नहीं लाया गया है और वो अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि वो किसी को धमकी नहीं दे रहे हैं, बल्कि जनता को ये दिखाना चाहते हैं कि पुलिस का रवैया कैसा है. उन्होंने कहा कि 15 साल से एक-दूसरे को जानने के बावजूद अगर थाने से लोग गायब होने लगेंगे तो जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी. प्रशांत किशोर ने पुलिस पर ये भी आरोप लगाया कि जन सूरज पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस से सवाल-जवाब किए तो थाने में हंगामा हो गया. थाने के बाहर और अंदर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.





