
यूपी। राजस्थान से आए युवक को अगवा कर तमंचे की बरामदगी में जेल भेजने की धमकी की घटना के बाद मुंबई रवाना हुए चौकी इंचार्ज नौसड़ शुभम श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। नियमानुसार उन्हें डीआईजी की अनुमति लेनी चाहिए थी। दूसरे, इस पूरे प्रकरण में पुलिस भी संदेह के घेरे में है, इस वजह से निष्पक्ष जांच के लिए यह कार्रवाई की गई है। प्रकरण की जांच सीओ को सौंपी गई है। उधर, पुलिस ने बंधक बनाकर लूट के मामले में सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं, जिनके जरिए तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
दरअसल, बेलीपार इलाके के पिछौरा के रहने वाले रविशंकर को कार सवारों ने अगवा कर 90 हजार रुपये लूट लिए थे। सराफा की दुकान पर ले जाकर गहने खरीदने का दबाव डाला था। फिर अगले दिन चार लाख रुपये के साथ उसे फिर से बुलाया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसपी सिटी अभिनव त्यागी से की तो राजघाट थाने में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया। चूंकि लूट करने वालों ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताया था और उसी दिन से चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस वालों के मोबाइल नंबर बंद हैं। इसलिए उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
बाद में पता चला कि तीनों पुलिसकर्मी जीडी में अंकित कर किशोरी को बरामद करने के नाम पर मुंबई चले गए, जबकि इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। अब मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी राजकरन नय्यर ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर विभागीय जांच का निर्देश दे दिया है। बताया जा रहा है कि दो सिपाही भी साथ गए हैं, उन पर भी जल्द कार्रवाई संभव है।





