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पांवटा में संरक्षित वन्य जीवों का अवैध शिकार

Shantanu Roy
18 July 2026 4:56 PM IST
पांवटा में संरक्षित वन्य जीवों का अवैध शिकार
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Paonta Sahib. पांवटा साहिब। पांवटा में वन विभाग ने संरक्षित प्रजाति शेड्यूल 1 की छिपकली मॉनिटर लिजर्ड सहित तीन शिकारियों को पकडऩे में सफलता हासिल की है। इन शिकारियों के पास एक जिंदा और तीन मृत मॉनिटर लिजर्ड बरामद हुई हैं। विभाग ने तीनों शिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है। पांवटा साहिब वन विभाग को मॉनिटर लिजर्ड के शिकार के बारे में पहले से सूचना थी। लिहाजा शिकारियों को लेकर विभाग के कर्मचारी चौकन्ने थे। इस दौरान राजबन के समीप एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार थे। जिनके पास एक भाला नूमा शस्त्र और एक बोरी थी। विभाग के कर्मचारियों ने बोरी को खोलकर देखा, तो उसमें चार मॉनिटर लिजर्ड मिले। इनमें से एक मॉनिटर लिजर्ड जीवित था, जबकि तीन की मौत हो चुकी थी। जांच में पता चला है कि चारों छिपकलियों का शिकार आज ही
किया गया है।

फिलहाल तीनों आरोपियों को पडक़र कार्यवाही शुरू कर दी गई है। एक जीवित घायल मॉनिटर लिजर्ड के इलाज के लिए वेटरनरी डॉक्टर को मौके पर बुलाया गया। घायल लिजर्ड को आज वन विभाग और वेटरनरी विभाग की देखरेख में रखा जाएगा। मॉनिटर लिजर्ड जिसे ‘गोह’ भी कहा जाता है, एक संरक्षित प्रजाति है। इसके शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध है और पकड़े जाने पर 5 से 7 साल की सजा का प्रावधान है। भारत में पाई जाने वाली बंगाल मॉनिटर, येलो मॉनिटर, डेजर्ट मॉनिटर और वाटर मॉनिटर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची के अंतर्गत आती हैं। मगर, पांवटा साहिब क्षेत्र में इनके मांस के शौकीन इन्हें बेख़ौफ़ मार रहे थे। मॉनिटर लिजर्ड यानी गोह को मांस के अलावा मेल लिजर्ड के अंडकोष के लिए भी मारा जाता है। लिजर्ड के अंडकोष को जोड़ी कहा जाता है। हत्था जोड़ी का तंत्र में उपयोग होता है। हत्था जोड़ी प्राप्त करने के लिए भी मॉनिटर लिजर्ड का शिकार किया जाता है। वन विभाग के एसीएफ आदित्य शर्मा ने बताया कि शिकार के आरोप में तीन लोगों को पकड़ा गया है। इनके पास से एक जीवित और तीन मृत मॉनिटर लिजर्ड बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
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