
बिहार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को बिहार के पूर्णिया का दौरा करेंगे, जो सीमांचल क्षेत्र का एक बड़ा जिला है. यहां मोदी एक एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे, कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत करेंगे और एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे. यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब बिहार का चुनावी माहौल पूरी तरह से गरमा गया है.
सीमांचल के चार जिलों की 24 विधानसभा सीटें पिछले पांच चुनावों में अलग-अलग पार्टियों के बीच झूलती रही हैं. भारतीय जनता पार्टी के पास यहां उम्मीदें रखने की वजह है- पार्टी पांच में से तीन बार यहां सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. लेकिन यह भी सच है कि यह इलाका कभी भी किसी एक दल का गढ़ नहीं रहा. सीमांचल की 24 विधानसभा सीटों में पूर्णिया की सात, अररिया की छह, किशनगंज की चार और कटिहार की सात सीटें शामिल हैं. पिछले पांच विधानसभा चुनावों में भाजपा ने तीन बार बढ़त बनाई- 2020 में आठ सीटें, 2010 में 13 सीटें और अक्टूबर 2005 में नौ सीटें जीतकर.
कांग्रेस 2015 में यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी, उसने आठ सीटें जीती थीं. लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) फरवरी 2005 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी रही थी, उसने छह सीटें जीती थीं. दिलचस्प यह है कि पिछली बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम यहां दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसके खाते में पांच सीटें आई थीं.





