
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे। मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस साल मंत्री परिषद की पहली बैठक होगी। खास बात है कि ईंधन की कमी की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री मोदी पहले ही जनता से वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज जैसी अपीलें कर चुके हैं। वहीं, उन्होंने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में भी कटौती कर दी थी। खास बात है कि बीते एक सप्ताह से भी कम समय में दो बार पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हो चुका है।
पीएम मोदी की अगुवाई में होने वाली यह बैठक शाम 4 बजे सेवा तीर्थ में होगी। इस दौरान खासतौर से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत पर पड़ने वाले इसके असर पर चर्चा हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पीएम मोदी विदेश से लौटने के बाद मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर सकते हैं। इससे पहले सरकार ने एक हाई पावर ग्रुप तैयार किया है, जिसका नेतृत्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं।





