CCS की बैठक कुछ देर में लेने वाले है PM मोदी, हमले के डर से थम रही पाकिस्तान की सांसे

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक की. 90 मिनट चली बैठक में आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री ने सेनाओं को खुली छूट दे दी है. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल, सीडीएस अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे. इस हाईलेवल मीटिंग में प्रधानमंत्री ने बड़े और कड़े एक्शन को हरी झड़ी दिखा दी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तीनों सेना को खुली छूट दे दी है. तीनों सेनाएं जैसे चाहे, वैसे देश के दुश्मनों को जवाब दे सकती है. मतलब यही है कि अब दहशतगर्दों और उनके आकाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का वक्त है. लेकिन भारत क्या करेगा, इसके संकेत पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे चुके हैं.
22 अप्रैल को दहशतगर्दों नापाक साजिश को अंजाम दिया, 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक हुई और अब बुधवार को फिर सीसीएस की अहम मीटिंग है. ये बैठक बहुत अहम हैं, क्योंकि 23 अप्रैल को हुई सीसीएस की बैठक के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ डिप्लोमैटिक स्ट्राइक की थी. अब सैन्य कार्रवाई की बारी है.
उधर, भारत के एक्शन से पहले ही पाकिस्तान एटमी युद्ध का राग अलापने लगा. भारत को एटमी युद्ध की गीदड़भभकी दे रहा है. ये तब है जब चार बार पाकिस्तान की तरफ से युद्ध छेड़ने की गुस्ताखी की गई. हर बार पाकिस्तान की गलतफहमी को भारत ने दूर किया और पाकिस्तानी सेना और उनके हुकमरानों को उसकी हैसियत दिखाई. एक बार फिर पहलगाम आतंकी हमले की पटकथा लिखकर पाकिस्तान ने अपनी शामत को दावत दे दी है.





