
मणिपुर। मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के 862 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मणिपुर के दौरे पर जा रहे हैं. 2023 की हिंसा के बाद यह उनकी पहली मणिपुर यात्रा होगी. पिछले 2 साल से विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी पर इस बात के लिए निशाना साध रहा है कि उन्होंने मणिपुर की स्थिति का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेने के लिए राज्य का दौरा क्यों नहीं किया. मणिपुर के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी 13 सितंबर को 8500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने मणिपुर पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले चुराचांदपुर जाएंगे, जहां वे ज़िले के कुछ आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे.
उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चुराचांदपुर में 7300 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. साथ ही कहा कि पीएम मोदी का 13 सितंबर का मणिपुर दौरा राज्य में शांति, सामान्य स्थिति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा. पीएम मोदी जातीय हिंसा से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक चुराचांदपुर में 7300 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. उनके दौरे से ठीक दो दिन पहले यानी गुरुवार को शहर में फिर से झड़प की घटनाएं सामने आई. जहां अज्ञात उपद्रवियों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की और कार्यक्रम के लिए तैयार की गई सजावट को हटा दिया.
शिलान्यास समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी राज्य की राजधानी इंफाल में 1200 करोड़ रुपये से ज़्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन करने से पहले एक जनसभा को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर लंबे समय से संकट में है और प्रधानमंत्री ने अब वहां जाने का फैसला किया है. इसलिए यह कोई बड़ी बात नहीं है. आज भारत में मुख्य मुद्दा 'वोट चोरी' है. उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनावी जनादेश चुराए गए.





