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Bilaspur. बिलासपुर। राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बचत भवन में मंडलायुक्त मंडी आरके पुरुथी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला बिलासपुर के कोल बांध प्रभावित एवं पुनर्वास क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों और समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त आरके परुथी ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के निर्देशानुसार बिलासपुर में राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की यह दूसरी बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र बचे हुए परिवारों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को पुनर्वास क्षेत्रों में पेयजल, सडक़ तथा सीवरेज से संबंधित सभी लंबित कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीपीएफ जमथल में बसाए गए परिवारों द्वारा स्थाई पता संबंधित पुरानी मांग पर मंडलायुक्त ने तहसीलदार सदर और खंड विकास अधिकारी सदर को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एनटीपीसी के माध्यम से प्रभावित परिवारों को उपलब्ध करवाए गए रोजगार की भी समीक्षा की गई।
एनटीपीसी अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रभावित क्षेत्रों के 440 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि भविष्य में रोजगार उपलब्ध करवाते समय उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, जिनके किसी भी सदस्य को अभी तक रोजगार नहीं मिला है। इस दौरान हरनोड़ा क्षेत्र में खेल मैदान की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया गया। एनटीपीसी अधिकारियों ने बताया कि परियोजना क्षेत्र में तीन से चार बड़े खेल मैदान पहले से विकसित किए गए हैं तथा हरनोड़ा में भी खेल मैदान उपलब्ध है। इस पर उपायुक्त राहुल कुमार ने खंड विकास अधिकारी सदर को हरनोड़ा के मौजूदा खेल मैदान का विकास करने तथा आवश्यकता होने पर अन्य उपयुक्त स्थान चिन्हित कर नया खेल मैदान विकसित करने के निर्देश दिए। हरनोड़ा क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने एनटीपीसी अधिकारियों को क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों की कृषि भूमि तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित 59 हेक्टेयर क्षेत्र में से लगभग 42 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई व्यवस्था का परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है तथा शीघ्र ही इस पूरे क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा। बैठक में एनटीपीसी के अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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