
x
Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश के वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में प्रवेश, फोटोग्राफी, फिल्म शूटिंग, ड्रोन संचालन, शोध कार्य तथा अन्य गतिविधियों के लिए शुल्कों में वन विभाग ने संशोधन किया है। इस संबंध में वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने एक अधिसूचना जारी कर वन्यजीव (संरक्षण) हिमाचल प्रदेश (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। राज्यपाल द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 64 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह संशोधन किए गए हैं। नई दरें पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं। अधिसूचना के तहत अब अभ्यारण्यों में पर्यटन, फोटोग्राफी अथवा अन्य वैध उद्देश्यों से प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिनों तक 300 रुपए प्रतिदिन तथा उसके बाद 500 रुपए प्रतिदिन शुल्क देना होगा।
विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क पहले तीन दिनों तक 600 रुपए प्रतिदिन और उसके बाद 1000 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। स्कूल के विद्यार्थियों को निर्धारित शुल्क में 50 प्रतिशत छूट दी गई है, जबकि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। हल्के वाहनों के लिए 1000 रुपए प्रतिदिन और भारी वाहनों के लिए 2000 रुपए प्रतिदिन शुल्क देना होगा। प्रोफेशनल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। भारतीय नागरिकों के लिए स्टिल कैमरे का शुल्क पहले तीन दिनों के लिए 625 रुपए तथा अतिरिक्त दिनों के लिए 125 रुपए प्रतिदिन रखा गया है। विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क क्रमश: 1250 रुपए और 250 रुपए प्रतिदिन होगा।
वन विभाग ने ड्रोन उड़ाने के लिए चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। हिमाचल सरकार अथवा उसकी एजेंसियों के लिए पहले तीन दिनों तक दस हजार रुपए प्रतिदिन, अन्य सरकारी एजेंसियों के लिए 30 हजार रुपए प्रतिदिन तथा निजी एजेंसियों, मीडिया संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों और फ्रीलांस फोटोग्राफरों के लिए 50 हजार रुपए प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है। तीन दिनों के बाद इन दरों में वृद्धि लागू होगी।
सिने कैमरा संचालन के लिए भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिनों के लिए 12,500 रुपए तथा बाद के दिनों में 18,500 रुपए प्रतिदिन भुगतान करना होगा। जबकि विदेशी नागरिकों के लिए पहले के तीन दिनों के लिए 25,000 और बाद के तीन दिनों के लिए 37,500 रुपए शुल्क निर्धारित किया है। फिल्म और डॉक्यूमेंट्री शूटिंग के लिए भी नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। निजी एजेंसियों द्वारा फीचर फिल्म निर्माण के लिए दस हजार रुपए प्रतिदिन या 60 हजार रुपए प्रति सप्ताह तथा सरकारी एजेंसियों के लिए छह हजार रुपए प्रतिदिन या 35 हजार रुपए प्रति सप्ताह शुल्क निर्धारित किया गया है।
वन्यजीव क्षेत्रों में अध्ययन और वैज्ञानिक शोध करने वाले भारतीय नागरिकों को 100 रुपए प्रतिदिन तथा विदेशी नागरिकों को 500 रुपए प्रतिदिन शुल्क देना होगा। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के शोधार्थियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों, निजी शोधकर्ताओं और विदेशी संस्थाओं के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क भी निर्धारित किए गए हैं, जो 500 रुपए से लेकर 75 हजार रुपए तक होंगे। अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन कैमरे के उपयोग के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और यह प्रवेश शुल्क में ही शामिल माना जाएगा। कैमरा शुल्क केवल प्रोफेशनल कैमरों पर लागू होगा। सभी शुल्क अग्रिम रूप से जमा कराने होंगे तथा इन्हें एकमुश्त आधार पर वसूला जाएगा।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh News UpdateHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





