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महिला डॉक्टर आत्महत्या केस में पीजी रूम का मालिक गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों पर भी होगी कार्रवाई

Nil dhankar
25 Oct 2025 12:34 PM IST
महिला डॉक्टर आत्महत्या केस में पीजी रूम का मालिक गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
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महाराष्ट्र। सातारा की महिला डॉक्टर आत्महत्या मामले में पुलिस ने पीजी रूम के मालिक प्रशांत बनकर को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जा रही है. डॉक्टर ने सुसाइड नोट में प्रशांत और कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद ये कार्रवाई हुई. पुलिस ने सूत्रों ने बताया कि सातारा में महिला डॉक्टर सुसाइड मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रशांत बनकर को आज सुबह चार बजे पुणे स्थित एक दोस्त के फॉर्महाउस से गिरफ्तार कर लिया है. अब उसे फलटण शहर थाने लाया जा रहा है, जहां से पुलिस आरोपी को मेडिकल कराएगी और फिर पूछताछ करेगी. इसके बाद आरोपी को दोपहर साढ़े 12 बजे फलटण कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस आरोपी की कस्टडी की मांग करेगी, ताकि उससे पूछताछ की जा सके. सूत्रों ने बताया कि मामले में दूसरे फरार आरोपी पीएसआई बदने की लोकेशन पंढरपुर के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है. पुलिस का आशंका है कि वह पंढरपुर से अपने गांव बीड़ जा रहा है. वहीं, पंढरपुर में उसके छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने एक धर्मशाला में छापेमारी की थी.

पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर सातारा पुलिस ने पीएसआई गोपाल बदने और प्रशांत बनकर के खिलाफ बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था, जिसके बाद शुक्रवार को प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीएसआई बदने अभी फरार है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर वक्त से मानसिक तनाव में थीं. प्रशांत द्वारा बार-बार दी जा रही धमकियों और पुलिसकर्मियों की संलिप्तता ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया.

इस बीच महिला डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उस पर झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के लिए राजनीतिक और पुलिस का दबाव था. परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के लिए उस पर पुलिस और राजनीतिक दबाव बहुत ज़्यादा था. उसने इसकी शिकायत करने की कोशिश की थी. उसे न्याय मिलना चाहिए.'उसके चचेरे भाई ने एएनआई को बताया, 'पिछले साल उस पर पुलिस और राजनीतिक दबाव बहुत ज़्यादा था. उस पर झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने का दबाव डाला जा रहा था. उसने शिकायत के लिए डीसीपी को पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.'

दरअसल, पुलिस ने गुरुवार रात को एक होटल के कमरे से एक महिला डॉक्टर का शव बरामद किया था, मृतका की पहचान फलटण के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत 28 वर्षीय महिला डॉक्टर के रूप में हुई थी. पुलिस ने डॉक्टर के हाथ पर लिखा सुसाइड नोट भी मिला था. डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में पीएसआई गोपाल बदाने पर पांच महीनों में कई बार बलात्कार करने का आरोप लगाया और प्रशांत बनकर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. महिला डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में खुलासा किया था कि प्रशांत बनकर ने न केवल उनका मानसिक शोषण किया, बल्कि कई बार रूम खाली करने की धमकी भी दी. इसके अलावा डॉक्टर ने कुछ पुलिसकर्मियों पर बलात्कार के आरोप लगाए थे. जांच में सामने आया है कि प्रशांत का इन पुलिसकर्मियों के साथ नजदीकी संबंध था और वे मिलकर डॉक्टर पर दबाव बना रहे थे.


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