भारत

छोटी काशी के लोग बरसात में भी प्यासे, ब्यास पेयजल योजना में भरी गाद

Shantanu Roy
1 Aug 2025 3:37 PM IST
छोटी काशी के लोग बरसात में भी प्यासे, ब्यास पेयजल योजना में भरी गाद
x
मंडी। ब्यास नदी के किनारे बसी छोटी काशी में रहने वाले 42 हजार लोग भरी बरसात में प्यासे हैं। मंडी को पानी उपलब्ध करवाने वाली ब्यास नदी के किनारे पड्डल में बनी पेयजल योजना को गाद ने घेर रखा है और 85 करोड़ खर्च कर बनाई गई ऊहल पेयजल योजना भी हांफ गई है। मंडी जिला में हालत ऐसे बने हुए हैं कि यहां पर आज भी 78 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हुई हैं। सराज में 121 करोड़ की छड्डी खड्ड पेयजल योजना को रिस्टोर करने की फरियाद दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से लगाई गई है। मंडी शहर को विभाग बीते तीन दिनों से पानी नहीं पिला पाया है, जिस कारण हाहाकार मच गया है। मंडी शहर को अभी भी दो दिनों तक पेयजल उपलब्ध होने के आसार न के बराबर ही हैं। जलशक्ति विभाग शहर के भीतर बारिश टूटी पेयजल पाइपों को जोडऩे की कोशिश जरूर कर रहा है, लेकिन हालात सामान्य होने में 48 घंटों तक का समय लग सकता है।
आलम यह है कि लोग मजबूरी में कुदरती चश्मों का पानी पीने को मजबूर हैं। ऊहल पेयजल योजना पर चंद साल पहले ही 85 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे और दावा किया गया था कि शहर को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाएगी, पर ऐसा नहीं हो रहा है। सराज में आपदा आए एक महीना हो गया है और अभी तक इस योजना के आसपास भी विभाग पहुंच नहीं पाया है। वहीं, छड्डी खड्ड पेयजल योजना को रिस्टोर करने के लिए जयराम ठाकुर ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से फरियाद लगाई है। जलशक्ति विभाग के एसडीओ रोहित गुप्ता ने कहा कि उहल पेयजल योजना की पाइपें कई स्थानों पर टूट गई हैं, जिस कारण अभी पेयजल की सप्लाई नहीं हो पा रही है। ब्यास पेयजल योजना गाद की चपेट में है। मंडी जिला में कुल 78 पेयजल योजनाएं करीब एक महीने से बंद हैं। सबसे अधिक 17 पेयजल योजनाएं थुनाग डिवीजऩ की हैं। करसोग 12, सुंदरनगर में तीन बग्गी की दस, मंडी में 17, पद्धर की आठ और र्धमपुर की 11 योजनाएं ठप पड़ी हुई हैं।
Next Story