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Shimla. शिमला। हिमाचल सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को परियोजना की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्लस्टरों में ठेकेदार पर्याप्त श्रमशक्ति उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, वहां आवश्यक श्रमिकों की तैनाती होने तक उनके सभी भुगतान रोक दिए जाएं। धीमी प्रगति के कारण दो ठेकेदारों पर पेनल्टी भी लगाई गई है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि परियोजना के प्रथम चरण के तहत निर्धारित 3000 हेक्टेयर लक्ष्य में से अब तक 2612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है।
1543 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण पूरा हो चुका है। करीब 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में जुलाई से सितंबर के बीच पौधरोपण किया जाएगा, जबकि शेष क्षेत्र में शीतकालीन फसलों का रोपण जनवरी-फरवरी, 2027 में किया जाएगा। परियोजना के तहत 331 क्लस्टरों का चयन किया गया है, जिससे प्रदेश के करीब 10,646 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। वहीं, दूसरे चरण की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। अब तक 2500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है और 2153 हेक्टेयर में सर्वेक्षण जारी है। बैठक में सौर बाड़बंदी, खेतों की तैयारी, ड्रिप सिंचाई और उठाऊ सिंचाई योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंडी, हमीरपुर और ऊना जिलों में कार्यों की प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और कांगड़ा में ड्रिप सिंचाई कार्य अपेक्षाकृत धीमे मिले।
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