
x
Shimla. शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में स्थापित अत्याधुनिक पैट स्कैन मशीन शुरू हुए लगभग दो महीने पूरे हो चुके हैं। राज्य के सरकारी सेक्टर में यह एकमात्र पैट स्कैन सुविधा है, जो कैंसर मरीजों की जान बचाने के लिए जरूरी है। इस अवधि में अस्पताल में 145 मरीजों की पैट स्कैन जांच की जा चुकी है। सरकारी स्तर पर यह सुविधा मरीजों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन सीमित स्लॉट और बढ़ती मांग के कारण जांच के लिए लंबी वेटिंग बनी हुई है। मरीजों को पैट स्कैन के लिए औसतन सात दिन से लेकर एक महीने तक की तारीख दी जा रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के संदिग्ध मरीजों के लिए यह देरी कई बार उपचार प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मशीन की तकनीकी क्षमता के अनुसार एक दिन में लगभग छह से नौ पैट स्कैन किए जा सकते हैं, लेकिन वर्तमान में पांच से आठ मरीजों की ही जांच प्रतिदिन की जा रही है। इसके चलते प्रतिदिन का बैकलॉग पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा और वेटिंग लिस्ट लगातार बनी हुई है। वहीं मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जांच सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर कई बार स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। अभी तक मरीजों को पैट स्कैन जांच के लिए प्राइवेट लैब, पीजीआई या अन्य बड़े संस्थानों का रुख करना पड़ता था, जहां समय और खर्च दोनों अधिक लगते थे। वहीं निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों में पैट स्कैन की लागत लगभग 22 हजार रुपए तक पहुंचती है, जबकि आईजीएमसी में यही जांच करीब 10 हजार रुपए में उपलब्ध कराई जा रही है।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश क्राइमहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh CrimeHimachal Pradesh News UpdateHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





