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OMG! जंगल में महिला को भूत ने बुलाया, फिर वही से हुई लापता
Shantanu Roy
28 Sept 2025 1:39 PM IST

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इलाके में फैली सनसनी
Singrauli. सिंगरौली। मध्यप्रदेश में कभी-कभी अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाले मामले सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला सिंगरौली जिले से सामने आया है, जिसमें एक महिला का कहना है कि भूत ने उसे बुलाया था, इसलिए वह जंगल चली गई थी। इस विचित्र और चौकाने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी। घटना सिंगरौली जिले के जयंत चौकी क्षेत्र की है। पुलिस ने रविवार को 43 वर्षीय महिला को नेहरू अस्पताल के पीछे स्थित जंगल से बरामद किया। बताया जाता है कि महिला के पति बिरेन्द्र कुमार जायसवाल, जो बनौली इलाके के निवासी हैं, ने जयंत चौकी पहुंचकर अपनी पत्नी नववरण जायसवाल की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
जानकारी के अनुसार, नववरण को इलाज के लिए नेहरू अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में ओपीडी में पर्ची बनवाने के दौरान महिला अचानक लापता हो गई। यह देखकर पति ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया और महिला की तलाश शुरू कर दी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष खत्री ने महिला की सुरक्षित दस्तयाबी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। पुलिस ने तुरंत पांच सदस्यीय टीम को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा और महिला की खोज शुरू की। तत्काल पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन महिला का कोई सुराग नहीं मिला।
महिला की तलाश के लिए सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश, बस पड़ाव, रेलवे स्टेशन और टेम्पो स्टैंड सभी स्थानों पर पुलिस ने जांच की। इसके बाद महिला की खोज में डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। डॉग स्क्वायड ने पुलिस को नेहरू अस्पताल के पीछे जंगल की ओर मार्ग दिखाया। पुलिस टीम ने जंगल में कॉम्बिंग सर्च करते हुए महिला को बरामद किया। बरामद होने के बाद महिला ने बताया कि अचानक भूत ने बुला लिया था, इसलिए वह जंगल में चली गई और छुपी रही। महिला ने कहा कि भूत बोलने नहीं दे रहा था। यह बयान सुनकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। हालांकि पुलिस ने महिला के भूत संबंधी दावे को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन घटना की जांच अभी जारी है।
सिंगरौली सीएसपी पुन्नू परस्ते ने कहा कि महिला के इस तरह के व्यवहार को देखकर वह मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत होती है। फिलहाल महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उसके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। इस घटना ने सिंगरौली में एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों की सुरक्षा और निगरानी कितनी प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए समय पर सहायता और पर्यवेक्षण आवश्यक है, ताकि इस तरह की अजीबोगरीब और खतरनाक परिस्थितियां न बनें। पुलिस के अनुसार, महिला के जंगल में जाने का कारण वास्तविक भूत नहीं, बल्कि मानसिक असंतुलन और भ्रम था। जांच में यह भी देखा जाएगा कि महिला अपने परिवार और समाज के लिए कितनी सुरक्षित थी और उसके मानसिक स्वास्थ्य का पर्याप्त ध्यान रखा गया था या नहीं।
इस मामले ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में मानसिक रूप से कमजोर लोगों की अचानक लापता होने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक है। डॉग स्क्वायड और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने महिला को सुरक्षित बरामद करने में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस घटना से यह भी सीख ली कि ऐसी परिस्थितियों में तकनीकी साधनों जैसे सीसीटीवी और डॉग स्क्वायड का सही उपयोग जीवन रक्षा में निर्णायक साबित हो सकता है। महिला के सुरक्षित बरामद होने के बाद परिवार में राहत की लहर दौड़ गई है।
सिंगरौली जिले में यह घटना एक चेतावनी भी है कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों की सुरक्षा, निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते उचित ध्यान और उपचार न मिले, तो ऐसे व्यक्ति समाज और अपने लिए खतरा बन सकते हैं। इस मामले की जांच अब भी जारी है और पुलिस महिला के मानसिक स्वास्थ्य की सही स्थिति का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श कर रही है। फिलहाल महिला को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उसके परिवार को घटना की जानकारी देते हुए उन्हें सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में कभी-कभी अजीब और विचित्र घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं। प्रशासन और पुलिस इस तरह के मामलों में जल्द प्रतिक्रिया देकर भविष्य में ऐसे जोखिमों को कम करने का प्रयास कर रही है।
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