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घाटे के रूट लेने को कोई तैयार नहीं, निजी आपरेटर नहीं दिखा रहे दिलचस्पी

Shantanu Roy
27 Jun 2025 3:13 PM IST
घाटे के रूट लेने को कोई तैयार नहीं, निजी आपरेटर नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
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Shimla. शिमला। प्रदेश में एचआरटीसी के घाटे वाले रूट प्राइवेट आपरेटर लेने को तैयार नहीं है। इन रूटों को आबंटन को परिवहन विभाग ने कई बार मशक्कत कर ली मगर अभी भी 181 में से मात्र 52 रूटों पर ही प्राइवेट बसें चल पाई हैं। परिवहन विभाग को इन चल पड़े रूटों की जानकारी आरटीओ के स्तर पर मिल गई है जिससे वहां बसें चाहने वालों को राहत मिली है परंतु अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे स्थान हैं जहां पर प्राइवेट आपरेटर बस नहीं चला पाए। इनमें से कईयों ने इन्कार कर दिया है जबकि पहले वह रूट लेने के लिए तैयार थे। आपरेटरों का मानना है कि यह घाटे के रूट हैं जिनपर आगे बढक़र घाटा ही होगा। ऐसे में वह लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। काफी समय पहले राज्य सरकार ने 181 रूट निजी आपरेटरों को आबंटित किए थे।

इनमें से अभी 52 रूटों पर ही बसें चल पाई हैं। पिछले दो सालों से इसकी प्रक्रिया चली हुई है। 40 आपरेटरों ने तो परिवहन विभाग को लिखकर दे दिया है कि वह इन रूटों पर बसें चलाने को तैयार ही नहीं है। 89 की अभी प्रक्रिया चली हुई है। इन्होंने बसें चलाने को इंकार तो नहीं किया है लेकिन बसें चलाई भी नहीं है। इनको जो समय दिया गया था वो पूरा हो चुका है और दो बार इनको एक्सटेंशन भी दी गई थी, मगर इनके द्वारा बसें नहीं चलाई गई हैं। ऐसे में परिवहन विभाग भी असमंजस में है कि क्या इन रूटों पर बसें चल पाएंगी या नहीं। नदेशक परिवहन विभाग डीसी नेगी ने बताया कि ड्रॉ ऑफ लॉट्स के तहत रूटों का आबंटन किया गया है। जिसका भी नाम इसमें निकला था उन्हें बाकायदा ग्रांट आफ वेलिडिटी पत्र जारी किया गया है। इसकी मियाद छह महीने की है लेकिन इससे भी ज्यादा समय दिया जा चुका है और अभी तक 52 बसें ही चल पाई हैंं।
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