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नम्होल में राजनीति के नए समीकरण, आजाद सुरभि की जीत ने बदली सियासत

Shantanu Roy
4 Jun 2026 5:58 PM IST
नम्होल में राजनीति के नए समीकरण, आजाद सुरभि की जीत ने बदली सियासत
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Bilaspur. बिलासपुर। जिला परिषद चुनाव में नम्होल वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने वाली सुरभि ठाकुर ने न केवल जिला परिषद की दहलीज पार की है बल्कि क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण भी खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सुरभि ठाकुर ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को तीसरे स्थान पर पहुंचाकर राजनीतिक विश्लेषकों के आकलनों को भी गलत साबित कर दिया। नम्होल वार्ड में मिली इस जीत को केवल एक निर्दलीय उम्मीदवार की सफलता के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक असंतोष, टिकट वितरण और जनसमर्थन की नई राजनीतिक अभिव्यक्ति के तौर पर भी देखा जा रहा है। चुनाव परिणाम ने यह संकेत दिया है कि स्थानीय नेतृत्व और जनसंपर्क कई बार दलगत पहचान से अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं। बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में सुरभि ठाकुर ने नम्होल वार्ड की 13 पंचायतों की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत जनता के विश्वास, सहयोग और आशीर्वाद का
परिणाम है।


सुरभि ठाकुर की जीत के बाद भाजपा के भीतर भी राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस अवसर पर सुरभि ठाकुर के पिता रोशन ठाकुर ने स्पष्ट किया कि वह पिछले 35 वर्षों से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं और भविष्य में भी पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने के कारण उनकी बेटी को निर्दलीय चुनाव लडऩा पड़ा, लेकिन उनका समर्थन और समर्पण भाजपा के साथ ही रहेगा। रोशन ठाकुर के इस बयान को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि चुनावी मुकाबला भले ही निर्दलीय रूप में लड़ा गया हो, लेकिन परिवार का राजनीतिक झुकाव भाजपा के साथ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के प्रति विश्वास रखते हैं और आशीर्वाद के साथ ही आगे बढ़ेंगे। जिला परिषद चुनाव में नम्होल वार्ड का परिणाम यह भी दर्शाता है कि स्थानीय निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
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