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नेपाल में जलप्रलय का खौफनाक मंजर सैटेलाइट में कैद हुई तबाही की तस्वीरें

SHIDDHANT
26 Aug 2026 10:20 PM IST
नेपाल में जलप्रलय का खौफनाक मंजर सैटेलाइट में कैद हुई तबाही की तस्वीरें
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बाढ़ का महासंकट 500 से ज्यादा लोग लापता भारत भी अलर्ट
Kathmandu काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। तिब्बत सीमा के पास भोटे कोशी नदी में अचानक आए उफान ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। रसुवा जिले और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। सैटेलाइट तस्वीरों में बाढ़ से पहले और बाद की स्थिति की तुलना करने पर तबाही की भयावह तस्वीर सामने आई है। बाढ़ के कारण कई गांव पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। कई इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।


आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ में अब
तक
95 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली प्रशासन, सुरक्षाबल और राहत टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। सैटेलाइट तस्वीरों ने बाढ़ की भयावहता को स्पष्ट रूप से दिखाया है। प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी तस्वीरों में 23 अगस्त 2026 को बाढ़ से पहले और 26 अगस्त 2026 को बाढ़ के बाद की स्थिति दिखाई गई है। इन तस्वीरों में मनकामना गांव के पास की घाटियों में आए बदलाव और नदी के बढ़े हुए जलस्तर को साफ देखा जा सकता है।
इसी तरह खड़गा भंज्यांग गांव की सैटेलाइट तस्वीरों में भी बाढ़ से पहले और बाद की स्थिति में बड़ा अंतर नजर आया है। तस्वीरों से पता चलता है कि किस तरह पानी ने आबादी वाले क्षेत्रों और प्राकृतिक इलाकों को प्रभावित किया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा जिले में आई बाढ़ के बाद 384 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। कुल मिलाकर करीब 500 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल में आई इस आपदा का असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ने की संभावना है। गंडक नदी के रास्ते बाढ़ का पानी भारत की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं। एनडीआरएफ के अनुसार, नेपाल के फुरके खोला क्षेत्र में त्रिशुली नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह स्थिति हिमनदी झील विस्फोट बाढ़ से जुड़ी हो सकती है। इसके बाद भारत में गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत सरकार भी नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बातचीत कर बाढ़ से हुई जनहानि पर दुख जताया और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत के लोग नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। भारत की राहत और बचाव एजेंसियां नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर मदद पहुंचाने में जुटी हैं।
नेपाल में आई यह बाढ़ हाल के वर्षों की बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है। सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही ने इस आपदा की गंभीरता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है।
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