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निगहत बनी नेहा, हिमांशु से मंदिर में रचाई शादी

jantaserishta.com
10 Dec 2023 5:01 PM GMT
निगहत बनी नेहा, हिमांशु से मंदिर में रचाई शादी
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औरैया: कहते हैं प्रेम न तो जाति देखता है ओर न ही धर्म। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के औरैया में देखने को मिला है। यहां निगहत नाम की मुस्लिम महिला प्रेमी की खातिर नेहा बन गई। महिला पहले से शादीशुदा थी, लेकिन हिंदू युवक से मोहब्बत के बाद उसने पति को छोड़ दिया और फिर अपने बच्चे को लेकर प्रेमी के पास पहुंच गई। इसके बाद दोनों की पूरी रीति रिवाज के साथ दुर्गा मंदिर में शादी की गई। इस शादी की पूरे क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।

कन्नौज जनपद के थाना छिबरामऊ क्षेत्र के अंतर्गत गांव कालियान निवासी 23 वर्षीय हिमांशू का छिबरामऊ थाना क्षेत्र के मुहल्ला सैयदबाडा निवासी निगहत से पिछले दो वर्षो से प्रेमप्रसंग चल रहा था। निगहत पहले से शादीशुदा थी। निगहत के एक पांच साल का बेटा है। दोनों अलग-अलग समुदाय से ताल्लुक रखते थे। निगहत अपने पति को छोड़कर हिमांशु के साथ रहना चाहती थी, लेकिन दोनों के बीच धर्म की दीवार खड़ी थी। निगहत और हिमांशु ने एक-दूसरे के साथ शादी करने का मन बनाया। इसके बाद निगह अपने 5 वर्षीय बेटा रिहान और प्रेमी हिमांशू संग औरैया जिले की बिधूना तहसील पहुंची। यहां पर दोनों ने खुद को बालिग बताकर तहसील से एफीडेफिट बनवाकर बनाया और फिर एक दूसरे के साथ जीने और मरने की कसम खाई।

इसके बाद धर्म की परवाह किए बिना शुक्रवार की देर रात कस्बा के दुर्गा मंदिर मे पहुंच गए। वहां पर दुर्गा मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश तिवारी ने हिंदू रीतिरिवाज के साथ शादी करवाई। इस दौरान दोनों ने एक दूसरे का वरमाला पहनाई। इसके बाद युवक ने सिंदूर से मांग भरकर मंगलसूत्र पहनाया। इस दौरान पुजारी ने हिंदू रीतिरिवाज के अनुसार दोनों को 7 फेरे दिलवाए। शादी के बाद निगहत ने अपना नाम बदलकर नेहा रख लिया।

निगहत से नेहा बनी प्रेमिका ने बताया कि उसकी शादी 7 वर्ष पूर्व छिबरामऊ के मुहल्ला सैयदबाड़ा निवासी जमाल मुस्तफा के साथ हुई थी। इस दौरान उसने रिहान को जन्म दिया, जिसकी उम्र इस समय पांच वर्ष है। 2 वर्ष पूर्व उसकी हिमांशू से मुलाकात हुई तो वह दिल दे बैठी। दोनों ने धर्म की परवाह किए बिना एक दूसरे के साथ रहने की ठान ली। नेहा ने बताया कि पहले पति से तलाक लिए बिना खुद की मर्जी से हिंदू धर्म अपना लिया है। बताया कि वह शुक्रवार को बिधूना कोतवाली में पहुंची थी, वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंदिर जाने की बात कही थी। मंदिर में कोतवाली के दो सिपाही भी पहुंचे थे।उनके द्वारा कोई एतराज नहीं किया गया। मौजूद लोगों ने जय श्री राम के उद्घोष किए।

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