NEET टॉपर ने प्रोटेस्ट को सही बताया, परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव दिए

दिल्ली। नीट पेपर के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी। इसको लेकर खूब बवाल हुआ। अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लीक विवाद से लाखों छात्रों की तरह आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल ने भी गुस्सा और अन्याय महसूस किया था। आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल ने कहा कि "विरोध हमारा हक है, लोकतंत्र का हिस्सा है"। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों के पास शिकायतें उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन सुधार लाना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि इन दोनों होनहारों ने खुद को सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों की भीड़ और शोर-शराबे से दूर रखा। उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति को दोबारा बटोरा और 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा के लिए जी-जान से जुट गए।
दोबारा आयोजित हुई इस परीक्षा में दोनों छात्रों ने 720 में से 715 का शानदार स्कोर किया। आर्यन गुप्ता ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की, जबकि टाई-ब्रेकिंग नियम के आधार पर हरियाणा के पांशुल बंसल को दूसरा स्थान (AIR 2) मिला। नीट परीक्षा के मौजूदा सिस्टम में सुधार के लिए आर्यन और पांशुल ने कई अहम सुझाव दिए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षार्थी को इस साल जैसी मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े:
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अधिकार का बचाव करते हुए आर्यन गुप्ता ने कहा, "विरोध और असहमति जताना किसी भी नागरिक का बुनियादी अधिकार है। लोकतंत्र के लिए ये बहुत जरूरी हैं।"
हालांकि, परीक्षा रद्द होने के अन्याय पर उन्होंने बहुत सकारात्मक नजरिया अपनाया। आर्यन का मानना था, "भले ही यह अनुचित था, लेकिन यह केवल मेरे साथ नहीं बल्कि सभी के साथ हुआ अन्याय था।" उन्होंने दोबारा हुई परीक्षा को अपनी कमियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन करने के एक शानदार मौके के रूप में देखा।





