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पार्टी से ज्यादा राष्ट्रीय सुरक्षा अहम, शशि थरूर ने इशारों में कांग्रेस पर साधा निशाना!

Nilmani Pal
20 July 2025 6:42 AM IST
पार्टी से ज्यादा राष्ट्रीय सुरक्षा अहम, शशि थरूर ने इशारों में कांग्रेस पर साधा निशाना!
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दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पार्टी और उनके बीच चल रहे मतभेदों की खबरों पर अपनी राय रखी है। ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने वाले थरूर ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की तुलना में नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा को ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बात का हवाला देते हुए कहा कि "अगर भारत ही मर जाएगा, तो फिर कौन जिंदा बचेगा?"

थरूर ने सोशल मीडिया साइट पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसके कैप्शन में लिखा, “आज कोच्चि में एक हाई स्कूल के छात्र ने मुझसे एक जरूरी सवाल पूछा। हालांकि मैं सार्वजनिक रूप से ऐसी चर्चाओं से दूर रहता हूं लेकिन मुझे लगा कि इसका जवाब देना चाहिए।” छात्र के सवाल का जवाब देते हुए थरूर ने कहा, "जब मेरे जैसे लोग कहते हैं कि वह अपनी पार्टियों का सम्मान करते हैं.. तो हमारे कुछ कायदे और विश्वास होते हैं जो हमें हमारी पार्टियों से जोड़े रखते हैं। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर हमें अन्य दलों और सरकार के साथ भी मिलकर काम करने की आवश्यकता होती है।"केरल से कांग्रेस सांसद ने कहा, "कभी-कभी हमारे कुछ कामों से या बयानों से पार्टी को यह लगता है कि यह उनके प्रति हमारी वफादारी को कम करता है। लेकिन मेरे हिसाब से, भारत सर्वोपरि है। राजनीतिक पार्टियां जो हैं, वह राष्ट्र को ही बेहतर बनाने का माध्यम है। इसलिए मेरे विचार में.. आप चाहें जिस भी पार्टी में हों उसका उद्देश्य अपने तरीके से एक बेहतर भारत का निर्माण करना होना चाहिए।"

इसके बाद थरूर ने अपने साथी कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही आलोचना पर भी बात की। उन्होंने कहा, "बहुत से लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं क्योंकि मैंने सशस्त्र बलों और सरकार के समर्थन में बयान दिए। लेकिन मैं अपनी बात पर अड़ा हूं... क्योंकि मुझे लगता है कि भारत के लिए यही सही है... और जब मैं भारत देश कहता हूं तो मेरा मतलब उसमें सभी भारतीय शामिल होते हैं न कि सिर्फ मेरी पार्टी के लोग।" शशि थरूर ने कहा कि संसद में सैकड़ों पार्टियां हैं। वह भले ही हर मुद्दे पर अलग-अलग राय रखती हों लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर या देश हित के मुद्दों पर उन्हें अपने मतभेदों को भुलाकर एक हो जाना चाहिए।

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