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नालागढ़ ट्रक यूनियन ने बढ़ाया मालभाड़ा, 90 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी

Shantanu Roy
16 May 2026 4:33 PM IST
नालागढ़ ट्रक यूनियन ने बढ़ाया मालभाड़ा, 90 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
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बड़ी खबर
BBN. बीबीएन। डीजल की कीमतों में करीब तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद देश की सबसे बड़ी ट्रक ऑपरेटर यूनियनों में शामिल नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने भी मालभाड़ा बढ़ा दिया है। यूनियन ने 90 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से मालभाड़े में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। नई दरें शनिवार से लागू होंगी। ट्रक यूनियन ने औद्योगिक संगठनों के साथ पहले से तय फार्मूले के तहत यह बढ़ोतरी की है। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार
डीजल कीमतों
में वृद्धि होने पर निर्धारित अनुपात के आधार पर मालभाड़े में संशोधन किया जाता है। डीजल कीमतों और मालभाड़े में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आर्थिक मोर्चे पर पहले से चुनौतियों का सामना कर रहे उद्योगपतियों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
कच्चे माल की ढुलाई से लेकर तैयार उत्पादों के परिवहन तक लागत बढऩे से उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा डीजल के दाम बढ़ाए जाने के बाद यूनियन ने यह फैसला लिया।प्रदेश का अग्रणी औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में स्थापित हजारों उद्योगों से तैयार दवाइयां, खाद्य उत्पाद, कॉस्मेटिक, प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य उपभोक्ता सामग्री रोजाना देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाई जाती है। यहां से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रक रवाना होते हैं। नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन में दस हजार से अधिक ट्रक पंजीकृत हैं।
माल ढुलाई महंगी होने से सब्जियों, फलों, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दामों पर भी असर पड़ सकता है। नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष विद्या रतन ने पुष्टि करते हुए कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद यूनियन ने प्रति किलोमीटर 90 पैसे मालभाड़ा बढ़ाने का फैसला लिया है, जो शनिवार से प्रभावी होगा। उद्योगपतियों का मानना है कि पहले ही कच्चे माल की कीमतों, बिजली दरों, श्रम लागत और परिवहन खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से संचालन लागत लगातार बढ़ रही है। वाहन रखरखाव, टायर, स्पेयर पाट्र्स और अन्य खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं।
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