
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के पहले 15 दिनों के भीतर कम से कम 14 लोगों का कत्ल किया गया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये घटनाएं अलग-अलग इलाकों में अंजाम दी गई. जिनके सिलसिले में केस दर्ज किए हैं. हत्या के मामलों की बढ़ती गिनती राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. इन वारदातों में न सिर्फ वयस्क बल्कि नाबालिग अपराधियों की भूमिका भी सामने आई है. इसके अलावा पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
दिल्ली पुलिस के अनुसार इन 14 हत्याओं में कम से कम 17 नाबालिग आरोपी शामिल पाए गए हैं. कुछ मामलों में नाबालिग मुख्य आरोपी थे, जबकि कुछ में सहयोगी की भूमिका में थे. पुलिस अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर चिंता का विषय बताया है. कई मामलों में नाबालिगों ने सीधे तौर पर हमला किया. कहीं-कहीं उन्होंने घातक वार भी किए. यह रुझान पुलिस और समाज दोनों के लिए चुनौती बन गया है.
हत्या के शिकार लोगों में एक महिला और एक नाबालिग भी शामिल है. इससे इन अपराधों की क्रूरता और संवेदनशीलता और बढ़ जाती है. पुलिस के मुताबिक पीड़ितों की उम्र और पृष्ठभूमि अलग-अलग रही. इससे साफ है कि हिंसा किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है. परिवारों पर इसका गहरा मानसिक असर पड़ा है. कई मामलों में विवाद बेहद मामूली बातों से शुरू हुआ था.
कत्ल की ये वारदातें राजधानी के रोहिणी, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली जैसे इलाकों में हुईं हैं. अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज इन मामलों ने पूरे शहर को चपेट में लिया है. पीटीआई के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि अपराध का कोई एक हॉटस्पॉट नहीं है. लगभग हर हिस्से से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं. इससे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
पुलिस जांच में सामने आया कि कई हत्याएं पैसों के लेन-देन और लूट से जुड़ी थीं. कुछ मामलों में झपटमारी की कोशिश जानलेवा साबित हुई. कहीं लूट के दौरान पीड़ित ने विरोध किया और उसकी हत्या कर दी गई. आर्थिक तनाव और अपराध की मानसिकता इन मामलों में साफ दिखती है. कई आरोपी अचानक हिंसक और हमलावर हो उठे.
हत्या की कुछ घटनाएं निजी रिश्तों के विवाद से जुड़ी रहीं. वहीं कई मामले पड़ोस के झगड़ों से शुरू हुए, जिनमें सफाई जैसी छोटी बातों पर विवाद बढ़ गया. पुलिस का कहना है कि मामूली कहासुनी अचानक हिंसा में बदल गई. गुस्से और आवेश में लोगों ने घातक कदम उठा लिए. इन मामलों में पहले से किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं.





