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बारिश में कीचड़, धूप में उड़ती है धूल, भडयाल आना जाओ भूल

Shantanu Roy
6 Jun 2026 5:36 PM IST
बारिश में कीचड़, धूप में उड़ती है धूल, भडयाल आना जाओ भूल
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Bhadyal. भडयाल। भडयाल को आपदा ने इस कद्र मारा है कि आसमां में धूप खिली हो तो धूल कहर बरपाती है और बारिश की बूंदें जमीन छू ले तो कीचड़ चलना दुश्वार कर देता है। भडयाल में यह सब बीते तीन सालों से हो रहा है, लेकिन आज तक प्रशासन की आंखें खुल ही नहीं पाई हैं और ना ही लोगों की दिक्कतें प्रशासनिक अमले की आंखों में चुभ पाई हैं। आपदा का मारा भडयाल तीन साल गुजरने के बाद भी धूल ही फांक रहा है। इस कस्बे से गुजरने वाली सडक से उड़ते धूल के गुब्बार प्रशासनिक संवेदनशीलता की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है। जिसमें लोग धूल फांकने को मजबूर हैं। भडयाल में चुनिंदा अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला कर प्रशासनिक आंखें बंद हो गई हैं और रसूखदारों के अवैध कब्जे आज भी प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहे हैं। भडयाल में तीन साल पहले बरसाती पानी ने जलभराव का जो दृश्य पेश किया था आज वहां से धूल का
गुब्बार उड़ रहा है।


भडयाल कस्वे को जोडऩे वाली सडक और सुकेती खड्ड के दृश्य एक जैसे ही हैं। यहां सडक़ और सुकेती खड्ड में अंतर करना थोड़ा मुश्किल है तथा इसका खमियाजा वाहन चालक और स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। सडक़ की टायरिंग के लिए अभी तक ठेकेदार की तलाश ही चल रही है और मजेदार बात यह है कि यह प्रक्रिया भी टेंडर में ही फंस गई है। लोग सडक़ की दयनीय हालत से परेशान हैं। लोक निर्माण विभाग चुनिंदा अवैध कब्जे हटाकर वाहवाही लूट रहा है और इन सबके बीच सडक़ के गढ्ढे सुकेती खड्ड के नजारे पेश कर लोगों के समक्ष ही यह सवाल उछाल रही है कि क्या यही व्यवस्था परिर्वतन होता है। बल्ह विधानसभा क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाने वाले अधिकांश सडकों की हालत खराब है। इन सडकों पर पड़े गड्ढे व्यवस्था के गढ्ढों की पोल खोल रहे हैं। बल्ह की रति से पैडी, रति से ग्रैचा, राजगढ़ से खांदला, राजगढ़ से सकरोहा, मांडल से लुणापानी, नागचला चलाह, बैहना से टिक्कर, रति से लेदा, सुंदरनगर से कपाही, सिद्धयाणी से बाल्ट सहित कई अन्य सडक़ों पर भी गढ्ढे ही नजर आ रहे हैं।
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